सामाजिक सदभाव के लिए कला- संस्कृति का संरक्षण जरूरी -प्रो• विश्वम्भरनाथ



* बंगलूरू आर्ट फेस्टिवल में नलिनी - कमलिनी की कथक के कायल हुये लोग

बंगलूरू, कर्नाटक। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं कर्नाटक सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 19 दिवसीय " बंगलुरू इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल- 2017 का बंगलुरू स्थित भारती विद्या भवन में बतौर मुख्य अतिथि संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र ने उद्घाटन किया। भारत सरकार एवं कर्नाटक सरकार की ओर से नृत्य और कला संस्कृति के माध्यम से देश में सद्भावना फैलाने के उद्देश्य से आयोजित इस समारोह का उद्घाटन करते हुए प्रो• मिश्र ने कहा कि समाज में फैले वैमनस्यता के भाव को संगीत एवं कला के माध्यम से भी दूर किया जा सकता है। देश में सदभाव को कायम रखने के लिए कला एवं संस्कृति का संरक्षण जरूरी है।

उद्घाटन के अवसर पर प्रख्यात नृत्यांगना सुश्री नलिनी - कमलिनी ने कथक नृत्य के माध्यम से शिव- पार्वती की भक्ति भावपुर्ण प्रस्तुति कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके उपरांत डा• विनामुर्ति विजय के निर्देशन में कलाकारों ने कुचीपुड़ी नृत्य की बारिकियों से दर्शकों का साक्षात्कार कराने में कामयाब रही।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र ने नृत्य साधिका सुश्री नलिनी - कमलिनी सहित अन्य कलाकारों को प्रतीक चिन्ह एवं अंगवस्त्रम् भेंटकर सम्मानित किया।

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