---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 28 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
कांग्रेस विधायक दल में फूट जारी है और विधायकों का दल बदल करके तृणमूल कांग्रेस में जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस के 12 विधायक पहले ही दल बदल करके तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और अब पांच विधायकों ने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी से मुलाकात करके दल छोड़ने की इच्छा जताई है।
सूत्रों ने बताया कि अकरुजमान, मैनुल हक, अबू ताहिर, समर मुखर्जी और सबीना यासिन ने चटर्जी के नाकतला स्थित मकान में जाकर मुलाकात की और दल बदलने की इच्छा जाहिर की। मालूम हो कि सबीना ममता मंत्रिमडंल में 2011 में रह चुकी हैं। सभी विधायकों ने दल बदलने को लेकर विस्तार से चर्चा की।
सूत्रों का कहना है कि 21 जुलाई को महानगर में शहीद रैली के दौरान सभी विधायक तृणमूल कांग्रेस में औपचारिक तौर पर शामिल हो जाएंगे। मालूम हो कि 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान वाममोर्चा के साथ गठबंधन करके कांग्रेस को 42 सीटों पर जीत मिली थी। लेकिन चुनाव के बाद एक-एक करके विधायकों ने कांग्रेस छोड़ना शुरू किया। फिलहाल 12 विधायक तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और कांग्रेस के विधायकों की संख्या घट कर 30 रह गई है। पांच और विधायक दल छोड़ देंगे तब कांग्रेस के विधायकों की संख्या घट कर 25 रह जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि दुर्गापूजा के बाद कुछ और विधायक भी दल बदल करके तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस में जाने वाले 12 विधायकों के नाम कांग्रेस में ही शामिल हैं। विधानसभा में विरोधी दल के नेता अब्दुल मन्नान कई बार यह बात उठा चुके हैं कि दल बदलने वाले विधायक विधानसभा से इस्तीफा देकर क्यों नहीं तृणमूल में जा रहे हैं। इस तरह 12 विधायक कागजों में भले ही कांग्रेस के हों, लेकिन वे लोग तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। माना जा रहा है कि नए दल बदलने वाले विधायक भी पुरानों के रास्ते पर ही चलेंगे।
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