नई दिल्ली, 02 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री तथा आवास और शहरी मामलों के मंत्री व अन्य संबंधित अधिकारियों की उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों में 97 गंगा शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) परियोजनाओं की समीक्षा करने के लिए दिनांक 9.7.2018 को बैठक हुई। एसडब्ल्यूएम परियोजनाओं को जारी रखने का निर्णय लिया गया।
नदी तट विकास और घाटों और शवदाहगृहों के विकास के लिए कुल 63 परियोजनाएं को मंजूरी दी गई है जिनकी अनुमानत: लागत 1197 करोड़ रूपये है। इनमें से 24 परियोजनाएं पूरी हो गई है और अन्य परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न स्तरों पर हैं।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए गंगा नदी के किनारे 97 शहरों की पहचान की गई है । शहरों की सूची अनुलग्नक-। में दी गई है।
•राज्य
•कुल अपशिष्ट उत्पत्ति (टीपीडी)
अपशिष्ट प्रक्रिया प्लांट संयंत्र की स्थिति (सभी क्षमता टीपीडी में)
•संयंत्र परिचालन
•निर्माणाधीन
•डीपीआर अनुमोदित
•अनुमोदन के लिए डीपीआर जमा
•डीपीआर तैयार की जानी है ।
उत्तराखंड
306
255
-
23
12
57
उत्तर प्रदेश
3145
2725
180
98
106
173
बिहार
1,861
82
900
240
549
झारखंड
27
-
-
27
-
-
पश्चिम बंगाल
6001
909
465
519
55
4053
अनुलग्नक-I
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए पहचान किए गए गंगा नदी की मुख्य धारा वाले शहरों की सूची,
क्र•सं• - शहर
• उत्तराखंड
1 हरिद्वार
2 ऋषिकेश
3 मुनि-की-रेती
4 तपोवन
5 चमोली-गोपेश्वर
6 श्रीनगर
7 उत्तरकाशी
8 जोशीमठ
9 रुद्रप्रयाग
10 गौचर
11 कर्णप्रयाग
12 देवप्रयाग
13 बद्रीनाथ
14 नंदप्रयाग
15 कीर्तिनगर
16 गंगोत्री
• उत्तर प्रदेश
1 कानपुर
2 वाराणसी
3 इलाहाबाद
4 फर्रुखाबाद
5 मिर्जापुर
6 गाजीपुर
7 मुगलसराय
8 बलिया
9 बिजनौर
10 कन्नौज
11 गंगाघाट
12 राम नगर
13 गढ़मुक्तेश्वर
14 चुनार
15 अनूपशहर
16 हस्तिनापुर
17 सईदपुर
18 नरोरा
19 बबराला
20 इलाहाबाद
21 बिठूर
• बिहार
1 पटना
2 भागलपुर
3 मुंगेर
4 छपरा
5 दानापुर
6 हाजीपुर
7 बक्सर
8 जमालपुर
9 बेगुसराय
10 बाढ़
11 मोकामा
12 सुल्तानगंज
13 फतुहा
14 बख्तियारपुर
15 बड़हिया प्रखण्ड
16 सोनपुर
17 कहलगांव
18 बरौनी
• झारखंड
1 साहेबगंज
2 राजमहल
• पश्चिम बंगाल
1 बैद्याबती
2 बंसबेरिया
3 बारानगर
4 बरहामपुर
5 भद्रेश्वर
6 भतपारा
7 बज बज
8 चकदाह
9 चांपदनी
10 चंदानागोर एमसी
11 धूलिया
12 डायमंड हार्बर
13 गरुलिया
14 गयेशपुर
15 हल्दिया
16 हालीसहर
17 हुगली चिनसराह
18 हावड़ा एमसी
19 जंगीपुर
20 जियागंज-अजीमगंज
21 कल्याणी
22 कमरहती
23 कांचरापाड़ा
24 कटवा
25 खारदाह
26 कोलकाता एमसी
27 कोंनगर
28 कृष्णनगर
29 महेशटाला
30 मुर्शिदाबाद
31 नवद्वीप
32 नैहाटी
33 उत्तरी बैरकपुर
34 पानीहती
35 रिसरा
36 शांतिपुर
37 श्रीरामपुर
38 टीटागढ़
39 उलूबेरिया
40 उत्तरपाराकोतरूंग
॥●॥ गंगा और यमुना नदियों हेतु अनिवासी भारतीय निधि
गंगा नदी के संरक्षण के लिए अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) के उत्साह को बढ़ाने के लिए माननीय वित्त मंत्री द्वारा वित्त वर्ष 2014-15 के अपने बजट भाषण में एनआरआई फंड स्थापित करने की घोषणा की गई थी ताकि इस निधि को गंगा नदी के संरक्षण हेतु उपयोग किया जा सके। दिनांक 24 सितंबर 2014 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत गंगा सफाई निधि (सीजीएफ) की स्थापना करने की मंजूरी दी गई और इसका गठन 21 जनवरी, 2015 को भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के तहत किया गया।
एनआरआई/पीआईओ ने स्वच्छ गंगा कोष में अब तक 18.92 लाख रु• का योगदान दिया है।
यमुना के लिए अलग कोष बनाने का ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
उक्त जानकारी केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्य मंत्री डॉ• सत्य पाल सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
https://www.indiainside.org/post.php?id=3449