जितेन्द्र मिश्रा, मुम्बई।
दशहरा रैली में सरकार के खिलाफ बड़ा निर्णय लेने की संभावनाओं के बीच शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। शिवसेना के कई विधायक सरकार से समर्थन वापस लेने के पक्ष में नहीं है। मराठवाड़ा के विधायकों ने उद्धव के संभावित फैसले का विरोध किया है। इसी सिलसिले में मराठवाड़ा के शिवसेना विधायक सुभाष साबणे के नेतृत्व में विधायकों का शिष्टमंडल मंगलवार को उद्धव से मिलेगा। मुलाकात के दौरान विधायक उद्धव को यह समझाने का प्रयास करेंगे कि सरकार से समर्थन वापस लेने का यह उचित समय नहीं है क्योंकि शिवसेना अभी चुनाव के लिए तैयार नहीं है। ताकत और प्रचार के मामले में शिवसेना - बीजेपी का अभी मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। गौरतलब है कि शिवसेना बीजेपी के बीच काफी समय से रिश्ते नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। पिछले दिनों उद्धव की बुलाई बैठक में मंत्रियों और विधायकों ने बीजेपी की शिकायत उद्धव से की थी जिसके बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने सरकार को आख़िरी अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि शिवसेना सत्ता से बाहर होने के निर्णय के काफी करीब है क्योंकि जनता में नाराजगी है, महंगाई और किसान विरोधी नीति के कारण शिवसेना सरकार में रह कर पाप की भागीदार नहीं बनना चाहती।
उधर ,निर्दलीय विधायक रवि राणा ने एक बार फिर दोहराया है कि यदि दशहरा रैली में शिवसेना सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान करती है तो पार्टी में टूट तय है। बीजेपी-शिवसेना के बीच चल रही शह और मात की खेल के बीच सबकी निगाह शिवसेना की दशहरा रैली पर टिकी हुई है।
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