जितेन्द्र मिश्रा, मुम्बई।
केंद्र और राज्य सरकार की सहयोगी दल शिवसेना की सत्ता से बाहर होने की चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
मंगलवार के दिन मातोश्री में सभी विधायकों के साथ हुई बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधायकों को आश्वस्त किया की भाजपा के साथ शिवसेना का गठबंधन जारी रहेगा वही उद्धव से मिलने गए मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के विधायकों से उन्होंने कहा कि सरकार को ले कर पार्टी क्या निर्णय लेगी इसकी चिंता आप मत करो। आप जनता का काम करो और अगले चुनाव की तैयारी में लग जाओ। इससे साफ हो गया है कि शिवसेना सरकार से समर्थन वापस नहीं लेने जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि सरकार से समर्थन वापसी के मुद्दे पर शिवसेना विधायकों में दो गुट हो गया है। एक गुट हरहाल में सत्ता से बाहर होने की दलील दे रहा है जबकि दूसरा गुट इसके खिलाफ है। उद्धव से मुलाकात के दौरान विधायकों ने कहा कि सरकार से समर्थन वापस लेने का यह उचित समय नहीं है क्योंकि शिवसेना अभी चुनाव के लिए तैयार नहीं है। ताकत और प्रचार के मामले में शिवसेना-बीजेपी का अभी मुकाबला नहीं कर पाएगी। पार्टी के 63 में से आधे ऐसे विधायक हैं जो दोबारा जीत कर आने को ले कर आश्वस्त नहीं हैं इसलिए सत्ता से बाहर होने का फैसला नुकसानदेय साबित होगा।
बतादे की अनेको बार ऐसा हुआ है जब शिवसेना भाजपा से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला शिवसेना ने किया लेकिन विधायको और नेताओ के दबाव में शिवसेना ने अपने फैसले को बदल दिया।
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