सामाजिक सरोकारों के साथ जीने की जरुरत - प्रो• विश्‍वम्‍भरनाथ मिश्र



वाराणसी। सामाजिक सरोकारों के साथ जीने वाला व्यक्ति महान होता है। स्वयं के लिए जीने का कोई मतलब नहींं होता है। यदि आप सक्षम हैं तो समाज के लिए कुछ कर गुजरने की जरुरत है ताकि अक्षम और जरूरतमंद लोगों को सहारा मिल सके। यह बात अखिल भारतीय बधिर महिला संगठन की ओर से वाराणसी के भेलूपुर स्थित होटल डायमंड में आयोजित 27वां विशेष्‍ा वैवाहिक सम्‍मेलन का उद्घाटन करते हुए बतौर मुख्य अतिथि संकटमोचन के महंत एवं आई•आई•टी• बीएचयू इलेक्ट्रॉनिक विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र ने कही। उन्होंने कहा कि आज यहां इन बधिर छात्र-छात्राओं को देखकर बहुत खुशी हो रही है कि ये कहने को डिसेबल है लेकिन अपने हुनर से पूरी तरह से सक्ष्‍ाम है और समाज को ऊंचाई देने की जज्बे से लबरेज़ है। आज यह अपना जीवन साथी चुनने के लिये आये है, यह बहुत ही खुशी की बात है। इसके पूर्व मुख्य अतिथि प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र एवं उनकी धर्मपत्नी आभा मिश्रा ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर विशेष्‍ा वैवाहिक सहायता सम्‍मेलन का उद्धाटन किया।

अतिथियों का स्‍वागत करते हुए संस्‍था की संस्‍थापक अध्‍यक्ष राजलक्ष्‍मी राव ने कहा कि समाज के मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर यह संस्था कार्य कर रही है। समारोह का संचालन उमा कपूर एवं धन्यवाद ज्ञापन गोपाल उपाध्‍याय ने दिया।

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