---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 28 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र की एनडीए सरकार और भाजपा की खिंचाई करते हुए आरोप लगाया कि भगवा पार्टी राज्य में हत्या की राजनीति कर रही है। उन्होंने भाजपा पर देश तोड़ने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया और कहा कि वह विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय एजंसियों का इस्तेमाल कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने एजेंसी में भाजपा के कहे पर काम करने वाले अधिकारियों से कहा कि 2019 में सत्ता में आने के बाद उन्हें बख्सा नहीं जाएगा, इसलिए सोच समझ कर काम करें। ममता ने केंद्र को बंगाल में नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजंस (एनआरसी) लागू करने की भी चुनौती देते हुए कहा कि इसके पहले ही उनकी गद्दी चली जाएगी। वे यहां तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित छात्रों की रैली को संबोधित कर रही थीं।
राज्य में हाल में हुए पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा अब उन गुडों का ही सहारा ले रही है जो पहले माकपा के साथ थे। माकपा के पूर्व गुंडे अब भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हत्या की राजनीति की सहायता से ही जंगलमहल इलाके में भाजपा को पंचातों की कुछ सीटें मिली हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि फिलहाल देश में हालात इमरजेंसी से भी ज्यादा खतरनाक हैं। लोगों को अपनी पंसद का खाने-पहनने अपने धर्म का पालन करने और अभिव्यक्ति का भी अधिकार नहीं है। केंद्र ने मुगलसराय का नाम तो बदल ही दिया है वह लालकिले का नाम भी बदल सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी इतिहास बदलने का प्रयास कर रही है। लेकिन अगले साल होने वाले आम चुनावों में उसकी सरकार ही बदल जाएगी। भाजपा पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने नेशनल मीडिया को पूरी तरह खरीद लिया है। अगर वहां काम करने वाला कोई पत्रकार सरकार या भाजपा के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे झटके में चैनल या अखबार से बाहर निकाल दिया जाता है। उन्होंने भाजपा पर देश तोड़ने की साजिश रचने और सोशल नेटवर्किंग साइटों पर कुप्रचार करने का भी आरोप लगाया। विपक्षी नेता या राजनीतिक दल अगर आवाज उठाते हैं तो केंद्रीय एजंसियों को उनके पीछे लगा दिया जाता है। ममता ने इस मामले में मायावती, लालू प्रसाद, कुमारस्वामी, चंद्रबाबू नायडू और अखिलेश यादव के साथ तृणमूल कांग्रेस का भी नाम गिनाया।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर भाजपा को मिलने वाले विदेशी चंदे की जांच क्यों नहीं की जानी चाहिए ? ममता ने कहा कि भाजपा विदेशी धन का इस्तेमाल यहां वोट खरीदने के लिए करती है। तृणमूल नेता ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने चार साल में कोई काम नहीं किया। उल्टे नोटबंदी जैसे फैसलों से उसने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। लेकिन बंगाल में यह 40 फीसदी घट गई है।
असम में एनआरसी का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि उनकी सरकार यहां किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देगी। भाजपा नेता यहां एनआरसी लागू करने की बात कह रहे हैं। अगर उनमें हिम्मत है वे ऐसा कर दिखाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बंगाल टाइगर हैं। अगर किसी नागरिक को गलत तरीके से विदेशी करार दिया गया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ममता ने कहा कि वे अगले आम चुनावों में भाजपा को सत्ता से हटाना ही उनका प्रमुख मकसद है।
मुख्यमंत्री ने रैली में राज्य सरकार के कामकाज, उपलब्धियों और विभिन्न विकास कार्यक्रमों का भी ब्योरा दिया। ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने जन्म से लेकर मौत तक जीवन के हर चरण के लिए कुछ न कुछ योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि बीते सात वर्षों के दौरान सैकड़ों स्कूलों के अलावा 23 नए मेडिकल कालेजों, 46 कालेजों और 23 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है। पांच और विश्वविद्यालय बन रहे हैं।
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