सांसद ओम प्रकाश यादव युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत



हावड़ा, बिहार प्रदेश के सिवान से भारतीय जनता पार्टी के सांसद ओम प्रकाश यादव का नवरात्रि के सप्तमी के दिन कोलकाता आना हुआ। हावड़ा स्थित सी०पी०टी० क्वार्टर (कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट आवास) के परिसर में वीणा स्पोर्टिंग क्लब द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन होता रहा है। क्लब के अध्यक्ष रमाकान्त अहीर के विशेष बुलावे पर सांसद ओम प्रकाश यादव माँ के दरबार में उपस्थित हुए। सर्वप्रथम माँ दुर्गा को पुष्प-माला अर्पित करते हुए उन्होने माँ के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। साथ साथ “ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः" का जाप करते हुए सबके लिए प्रार्थना की। वहीं पूजा मण्डप में कुछ पल बिताने के पश्चात उत्तर हावड़ा स्थित कई पार्टी कार्यालयों का भ्रमण करते हुए अनेक कार्यकर्ताओं से मुलाकात-वार्तालाप भी किया।

पूजा मण्डप में बिताए कुछ पलों के दौरान उनसे मुलाकात पर उनके क्षेत्र सिवान पर चर्चा हुई। उन्होने पिछले दसकों के कुछ सुने व कुछ अनसुने इतिहास को वहाँ उपस्थित सभी के समक्ष रखा। उनके बातों से ऐसा प्रतीत होता मानो कि यह वही छपरा सिवान था जो पूर्ण रूप से नकारात्मक ऊर्जाओं के कैद में जकड़ा था और आज सकारात्मक ऊर्जा दिन ब दिन अपने विस्तार में हैं। जो छपरा सिवान हत्या, अपरहण व लूट-पाट के भय के अधीन जीता था, जहां अनुशासन भी घुटनों पर बैठती थी, जहां मात्र साम्राज्य एक पिशाच का और उसके अनुसरण करने वालों का था, आज वो क्षेत्र इन नकारात्मक रूपी पिशाच के बंधनों से मुक्त है। आज वहाँ अनुशासन है, अमन है और भाई-चारा है। और इसे कायम रखना ही सांसद महोदय का आजीवन लक्ष्य हैं।

अपने क्षेत्र के पिछले दिनों के इतिहास को जाहीर करते हुए वे भावुक भी हुए व संघर्ष के हर उन पलों को मानों साक्षात दर्शन करा रहे थे। उनकी आँखें, शारीरिक भाषा व बोली, सत्य को ही सबके समक्ष रख रही थी। वहीं उन्होने आप बीती कुछ घटनाओं का भी जिक्र किया जिसमें उन्होने बताया कि जब मैंने तैरने के लिए दल-दल में छलांग लगाया तब मैंने अपने पिता को यह बात बताई। उनका जवाब स्पष्ट था, यदि तुम यहाँ के लोगों को बंधक से मुक्त करा पाए तो ये लोग तुम्हें सिर-आँखें पे बैठाएंगे, तुम्हारी मान-सम्मान आसमान की उंचाईयों को छुएंगी और यदि तुम मृत्यु को प्राप्त हो जाते हो तो मैं तुम्हें शहीद कहूँगा और मुझे इस पर भी गर्व होगा। अपने पिता की इन बातों से उन्हे बहुत ज्यादा बल मिला। वहीं संघर्षों दौरान जान से मारने की धमकियाँ बार-बार मिलती रही व वे तनिक भी हिचके नहीं। वही इनकी पत्नी को भी फोन कर धमकाया गया कि अपने पति को समझाओ कि पीछे हट जाए अन्यथा इसकी हत्या हो जाएगी और तुम विधवा हो जाओगी जिस पर पत्नी का स्पष्ट जवाब था कि मर्द हो मर्द से बात करो, औरत से क्या बोलते हो।

छपरा व सिवान के सैकड़ों लोगों से संपर्क रहा है मेरा। कईयों की जुबानी सैकड़ों कहानी सुनी हैं मैंने। किसी ने अच्छाई तो ज्यादा नहीं पर हत्या, अपरहण व लूट-पाट की ही सुनाई है। पहले सिर्फ सुनता रहा, महसूस न कर सका वैसे बंगाल में हमे वहाँ जैसा माहौल नहीं मिला, तभी उस क्षेत्र के लोगों की एक बड़ी आबादी यहाँ भी है जो घर-बार से लेकर नौकरी-चाकरी व धंधे में स्थापित हैं।

जिस प्रकार सांसद ओम प्रकाश यादव ने अपने क्षेत्र के लिए, अपने लोगों के लिए, अपने समाज के लिए, बिना डर-भय के मान-सम्मान सहित मानवता के लिए लोहा लिया है वह सराहनीय है और आज के युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत हैं।

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