---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 04 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
कवि, लेखक, पत्रकार हरदेव सिंह ग्रेवाल की एतिहासिक पुस्तक ‘पंजाबी फ्रीडम फाइटर आफ कोलकाता’ का लोकार्पण भवानीपुर के खालसा स्कूल में संपन्न हुआ। इस मौके पर पंजाबी लेखक मोहन सिंह काहलों, गोर्की सदन के पदाधिकारी गौतम घोष, पंजाबी साहित्य सभा के महासचिव जगमोहन सिंह गिल, लेखक पत्रकार गीतेश शर्मा समेत अनेक जानेमाने लोग मौजूद थे।
इस मौके पर अपनी पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए लेखक हरदेव सिंह ग्रेवाल ने कहा कि लंबी खोज और सालों की मेहनत के बाद दो साल पहले उन्होंने पंजाबी में एक पुस्तक ‘कलकत्ते दे पंजाबी आजादी घुलाटीए’ लिखी थी। देश-विदेश के पंजाबियों को इससे पता चला कि आजादी के संघर्ष में कोलकाता के पंजाबियों का कितना बड़ा योगदान रहा है। क्रांतिकारियों के साथ मिलकर देश आजाद करवाने के लिए शारीरिक-आर्थिक मदद के साथ ही कविता, साहित्य में भी देश प्रेम भी भावना से ओतप्रोत रचनाओं से लोगों को जागृत करने का काम किया। इसके बाद लोगों की ओर से मांग की गई कि इसे अंग्रेजी भाषा में भी प्रकाशित किया जाना चाहिए, जिससे दुनिया में रहने वाले सभी लोगों को कलकत्ते के इतिहास के बारे में पंजाबियों के योगदान के बारे में जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि 200 पन्नों की इस पुस्तक का मूल्य हालांकि 399 है, जो लोग इसका भुगतान करने में सक्षम हों वे इसे कीमत देकर खरीद सकते हैं। इसके साथ ही जो लोग इतने पैसे खर्च करने के लिए सक्षम नहीं हैं लेकिन उनकी पढ़ने में रूची है ऐसे लोगों को यह पुस्तक पूरी तरह से मुफ्त प्रदान की जाएगी।
गौतम घोष ने कहा कि पुस्तक से बंगाल में पंजाबियों के योगदान के बारे में जानकारी मिलती है। इससे इतना प्रभावित हुआ हूं कि इसका बांग्ला में अनुवाद किया जाएगा। स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे ज्यादा संताप बंगाल और पंजाब को भुगतना पड़ा था।
गीतेश शर्मा ने पुस्तक की प्रशंसा करते हुए कहा कि पंजाबियों का योगदान देश की आजादी में अमूल्य है। हालांकि पुस्तक में स्वतंत्रता के पहले के पंजाबियों का योगदान का विस्तृत विवरण तो है लेकिन 1984 के दंगों और उस दौर का जिक्र नाममात्र है। इस बारे में विस्तार की गुंजाइश रह गई है।
जगमोहन सिंह गिल ने सभा का संचालन किया और गुरदीप सिंह संघा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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