अब दार्जीलिंग में ढहा एक पुल, एक घायल



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 07 सितंबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

महानगर के माझेरहाट पुल के ढहने पर पैदा विवाद अभी थमा भी नहीं था कि शुक्रवार सुबह दार्जीलिंग जिले में सिलीगुड़ी के पास एक नहर पर बने एक अन्य पुल के ढहने से एक व्यक्ति घायल हो गया। एक ट्रक के गुजरने के दौरान वह पुल अचानक ढह गया। इस हादसे में घायल उस ट्रक ड्राइवर को स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सरकारी सूत्रों ने यहां इसकी जानकारी दी।

हादसे की खबर पाकर मौके पर पहुंचे उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष ने पत्रकारों को बताया कि वह पुल मानगंज इलाके को सिलीगुड़ी से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि पुल पर सामान से लदे ट्रकों की आवाजाही पर पाबंदी है। लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों में जाने वाले कई ट्रक शार्टकट के चक्कर में इसी पुल का इस्तेमाल करते थे। यह हादसा उसी का नतीजा है। मंत्री ने बताया कि वह पुल काफी पुराना था और उससे संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से इस हादसे की रिपोर्ट तैयार किए जाने के बाद इसकी मरम्मत का काम शुरू होगा।

पर्यटन मंत्री गौतम देब ने बताया कि उक्त पुल का रखरखाव सिलीगुड़ी महकुमा परिषद के जिम्मे था जिसका संचालन माकपा की अगुवाई वाले वाममोर्चा के हाथों में है। देब ने कहा कि उन्होंने इस मामले की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दे दी है। हादसे की सूचना मिलसने के बाद राज्य सरकार के अधिकारी और इंजीनियर मौके पर पहुंच गए।

इसबीच, दार्जीलिंग जिला माकपा के नेता जीवेश सरकार ने जिला प्रशासन और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर उक्त पुल की मरम्मत में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हमने स्थानीय प्रशासन व राज्य सरकार को कई बार कहा था कि उस पुल की मरम्मत जरूरी है। लेकिन महकुमा परिषद का संचालन वाममोर्चा के हाथों में होने की वजह से सरकार ने मरम्मत के लिए धन आवंटित नहीं किया।

यह हादसा कोलकाता में माझेरहाट पुल हादसे के तीन दिनों बाद हुआ है। माझेरहाट हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और 27 अन्य घायल हो गए थे। उनमें से 13 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं। 50 साल पुराने इस व्यस्ततम पुल का एक हिस्सा बीते मंगलवार को ठह गया था। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस हादसे की जांच के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव मलय दे की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है जो एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके अलावा एक विशेष जांच दल (एसआईटी) भी इस हादसे की जांच करेगा।

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