--- जितेन्द्र मिश्रा, मुम्बई।
सरकार की सहयोगी दल शिवसेना ने एलफिंस्टन रेलवे ब्रिज दुर्घटना को लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल से इस्तीफा मांगा है। देश में लगातार हो रही रेल दुर्घटनाएं जिसको रोकने में रेल मंत्री नाकाम रहे हैं इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ऐसी बात शिवसेना ने कही। एलफिंस्टन ब्रिज दुर्घटना पूरी तरह से सिस्टम फेलुअर का परिणाम है।
* वही दुर्घटना को लेकर सरकार पर नरसंहार का एफआईआर दर्ज की मांग।
शिवसेना के संजय राउत मांग करते हुए सरकार पर निशाना साधा व कहा कि रेल मंत्रालय पर भी मुकदमा चलना चाहिए। हमारे दो सांसदों राहुल शेवाले और अरविंद सावंत ने इस ब्रिज को बनाने की काफी पहले मांग की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वर्तमान रेल व्यवस्था की खामियों में सुधार के लिए सरकार के पास वक्त नहीं है लेकिन वह बुलेट ट्रेन लाना चाहती है। दुर्घटना के बाद केईएम अस्पताल का दौरा करने गए रेल मंत्री पीयूष गोयल और शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े के खिलाफ शिवसेना कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। गोयल वापस जाओ, तावड़े वापस जाओ की घोषणा बाजी करते हुए शिवसेना ने विरोध जताया।
एलफिंस्टन रेलवे ब्रिज दुर्घटना के बाद शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने केईएम अस्पताल जा कर घायल लोगों से मुलाकात की। शिवसेना ने केंद्र सरकार से मांग किया है कि रेल मंत्रालय को सर्वाधिक राजस्व देनेवाली मुंबई की लोकल को स्वतंत्र किया जाए। सांसद अरविन्द सावंत ने रेल मंत्रालय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एल्फिंस्टन फुटओवर ब्रिज की मरम्मत को लेकर पिछले साल ही तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें उन्होंने इस 6 फुट के ब्रिज को चौड़ा कर 12 फुट का करने की मांग की थी। उसके जवाब में प्रभु ने फंड न होने का हवाला दिया था, साथ ही वैश्विक मंदी का भी रोना रोया था। इससे पहले 23 अप्रैल, 2015 को शिवसेना सांसद राहुल शेवाले ने भी सुरेश प्रभु को पत्र लिखा था। पत्र में शिवसेना सांसद ने फुट ओवरब्रिज को चौड़ा करने की मांग की थी लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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