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नई दिल्ली, 10 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

॥■॥ एसीसी नियुक्तियां

मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने संयुक्त सचिव/संयुक्त सचिव समकक्ष स्तर के अधिकारियों की 30 नियुक्तियों की अनुशंसा की है।


॥■॥ आकांक्षी जिलों पर केंद्रित सुशासन पर क्षेत्रीय सम्‍मेलन का भोपाल में आयोजन

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार द्वारा मध्‍य प्रदेश सरकार के सहयोग से भोपाल में सुशासन पर आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्‍मेलन का शुभारंभ 10 सितंबर, 2018 को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग भारत सरकार की अपर सचिव वसुधा मिश्रा और म•प्र• के मुख्यमंत्री के सचिव बी• चंद्रशेखर ने किया।

इस अवसर पर वसुधा मिश्रा ने कहा कि जरूरतमंद और आकांक्षी जिलों में विकास के विभिन्न प्रतिमानों पर अभी भी बहुत काम किया जाना है। दो दिवसीय इस सम्मेलन में शिक्षा, कृषि और नागरिक सुविधाओं के विस्तार हेतु हो रहे नवाचारों के बारे में उपयोगी चर्चा होगी। सम्मेलन के पहले सत्र में राजस्थान के बारां जिले में शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु चल रहे प्रोजेक्ट उत्कर्ष, बिहार के बांका में चल रहे प्रोजेक्ट उन्नयन और छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में चल रहे शिक्षा प्रोजेक्ट की जानकारी वहां के प्रतिनिधियों ने दी। अन्य सत्रों में कृषि और सुशासन पर चर्चा की गई।

दो दिवसीय इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, मेघालय समेत 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले सभी राज्य अपने-अपने प्रदेशों में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी और अन्य राज्य इन्हें कैसे अपना सकते हैं इसपर इन दो दिनों में चर्चा करेंगे।

11 सितंबर को सम्मेलन के समापन समारोह को के• वी• ईपेन, सचिव, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार तथा बसंत प्रताप सिंह, मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन संबोधित करेंगे।


॥■॥ केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ• जितेंद्र सिंह से भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल मिला

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ• जितेन्द्र सिंह से आज भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मिला। अधिकारियों ने डॉ• सिंह से अपनी सेवा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। अधिकारियों के प्रतिनिधमंडल का नेतृत्व आईआईएस समूह ‘ए’ के अध्यक्ष अनिंद्या सेनगुप्ता ने किया।

अधिकारियों से बातचीत के दौरान डॉ• जितेन्द्र सिंह ने कहा कि किसी भी संस्था के लिए संचार एक अहम भूमिका निभाता है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने ऐसी कोशिश की है ताकि सभी नागरिकों यहां तक की पूर्वोत्तर के दूरदराज के इलाकों में भी सूचनाएं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने रेडियो के जरिए सूचना प्रसारित करने की व्यवस्था का नवीनीकरण करने की कोशिश की है क्योंकि सूचना के इस माध्यम की व्यापक पहुंच है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री खुद रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए आम लोगों तक अपनी बातें पहुंचाते हैं। जितेन्द्र सिंह ने कहा कि उन्होंने हाल ही में जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में पटनीटॉप पर ऑल इंडिया रेडियो के 10 किलोवाट मीटर का उद्घाटन किया जिससे आसपास के विभिन्न जिलों में 60 किलोमीटर के दायरे में रेडियो सेवा पहुंच सकेगी। उन्होंने सरकार में मौजूद संचार व्यवस्था से संबंधित अन्य मुद्दों और उसे मजबूत करने के लिए आवश्यक कदमों पर भी चर्चा की ताकि देशभर में लोगों तक सरकार की पहुंच बढ़ सके।

बैठक के दौरान आईआईएस अधिकारियों ने अपनी सेवा से जुड़े पदोन्नति और कैडर प्रबंधन जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। आईआईएस समूह 'ए' अधिकारियों के संघ ने मंत्री को एक ज्ञापन भी प्रस्तुत किया। अधिकारियों को सुनने के बाद डॉ• जितेंद्र सिंह ने उनकी सेवा से जुड़े मुद्दों पर डीओपीटी के संबंधित अधिकारियों से बात करने का भरोसा दिलाया।


॥■॥ ग्रामीण विकास योजनाओं में असाधारण काम के लिए कल 228 राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे

ग्रामीण विकास मंत्रालय विभिन्न प्रमुख कार्यक्रमों जैसे ग्रामीण रोजगार एवं संपदा सृजन के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस), ग्रामीण आवास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), गांवों में सड़क निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), ग्रामीण आजीविका के लिए दीनदयाल अन्त्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम), ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास के लिए दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू जीकेवाई), राष्ट्रीय रर्बन मिशन इत्यादि चला रहा है जिनका उद्देश्य गरीबी उन्मूलन हैं।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों को वर्ष 2017-18 के दौरान लागू करने में राज्यों, जिलों, प्रखंडों, संगठनों और व्यक्तिगत तौर पर किए गए असाधारण कार्यों की पहचान और भविष्य में कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन एवं प्रदर्शन हेतु उनमें स्वस्थ प्रतियोगिता की भावना पैदा करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय 11 सितंबर, 2018 को एक राष्ट्रीय पुरस्कार कार्यक्रम आयोजित कर रहा है जिसमें ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर पुरस्कार प्रदान करेंगे।

वर्ष 2017-18 के दौरान ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 44.54 लाख घरों का निर्माण किया गया जिनमें सबसे ज्यादा घर उत्तर प्रदेश में बनाए गए। मध्य प्रदेश ने वर्ष 2017-18 के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिन सड़कों का निर्माण किया उनकी कुल लंबाई अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है। यही नहीं, राज्य ने हरित तकनीक के इस्तेमाल से भी सबसे अधिक सड़कें बनाई। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश का वर्ष 2017-18 के दौरान एमजीएनआरईजीएस के तहत अभिसरण एवं आजीविका वृद्धि वर्ग में बेहतर प्रदर्शन रहा जबकि मिजोरम का तय समय में कार्य पूरा करने का प्रतिशत सबसे अधिक रहा।

सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए, सरकार द्वारा गरीबों के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जागरूकता फैलाने और 7 प्रमुख कार्यक्रमों- प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना (एलपीजी कनेक्शन), सौभाग्य योजना (बिजली कनेक्शन), उजाला योजना (एलईडी बल्बों का वितरण), बैंक खाते खोलना (पीएम जन-धन योजना- पीएमजेडीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना- पीएमएसबीवाई (जीवन बीमा कवर), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना- पीएमजेजेबीवाई (दुर्घटना कवर के लिए) और मिशन इंद्र-धनुष- एमआई (गर्भवती महिलाओं और बच्चों की टीकाकरण) में नामांकन हेतु गरीबों की पहचान के लिए 14 अप्रैल, 2018 से 5 मई, 2018 तक (533 जिलों में 16,850 गांव) ग्राम स्वराज अभियान (जीएसए) और 1 जून, 2018 से 15 अगस्त, 2018 तक (117 आकांक्षा जिलों में 48, 929 गांवों और पश्चिम बंगाल एवं कर्नाटक के गांवों/जिलों की पहचान की गई जिन्हें क्रमशः पंचायत और विधानसभा चुनावों के कारण जीएसए के तहत शामिल नहीं किया जा सका) विस्तारित ग्राम स्वराज अभियान (ईजीएसए) आयोजित किया गया था। ग्रामीण विकास मंत्रालय जीएसए और ईजीएसए दोनों के लिए नोडल मंत्रालय था। जीएसए एवं ईजीएसए के प्रबंधन एवं कार्यान्वयन में ग्रामीण विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय के अधिकारियों के कार्यों को पहचान दिलाने के लिए उन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के 11 सितंबर, 2018 को आयोजित हो रहे राष्ट्रीय पुरस्कार कार्यक्रम में राज्यों, जिलों, प्रखंडों, संगठनों और व्यक्तिगत स्तर पर विभिन्न वर्ग में कुल 228 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।


॥■॥ राष्‍ट्रीय आयुष रुग्‍णता तथा मानकीकृत शब्‍दावली पोर्टल में सूचना के प्रलेखन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

आयुष मंत्रालय के केन्‍द्रीय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा राष्‍ट्रीय आयुष रुग्‍णता तथा मानकीकृत शब्‍दावली पोर्टल में सूचना के प्रलेखन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्‍होंने उपस्थित लोगों को संबोधित किया जिसमें देश भर से आए 74 नामित आयुष पेशेवर भी शामिल थे। इस अवसर पर परिषद के अनुसंधान कार्यों के संकलन का भी विमोचन किया गया।

श्री कोटेचा ने इस बात पर जोर दिया कि देश भर में सभी तरह की स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के लिए रुग्‍णता से जुड़े आंकड़ों के प्रलेखन के लिए टिकाऊ व्‍यवस्‍था होनी चाहिए। उन्होंने उत्कृष्टता केंद्र, अतिरिक्त बाह्य अनुसंधान और जन स्वास्थ्य संस्थाओं से जुड़ी विभिन्‍न योजनाओं के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित आयुष कॉलेजों और संस्‍थानों की अनिवार्यता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि यह व्‍यवस्‍था निश्चित रूप से आयुष रुग्‍णता तथा मानकीकृत आंकड़ों के प्रभावी प्रलेखन में मदद करेगी। उन्‍होंने कहा कि इस काम के लिए जिन लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है उन्‍हें विभिन्‍न राज्‍यों में हितधारकों के क्षमता विकास में मदद करनी चाहिए।

आयुष मंत्रालय ने देश भर में आयुष उपचार केन्‍द्रों के जरिए आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्‍सा, यूनानी, सिद्ध और होम्‍योपैथी जैसी चिकित्‍सा प्रणालियों के जरिए इलाज करा रहे रोगियों के आंकड़ों का संकलन शुरू किया है। इसके लिए ‘राष्‍ट्रीय आयुष रुग्‍णता तथा मानकीकृत शब्‍दावली पोर्टल’ के नाम से एक केन्‍द्रीयकृत पोर्टल विकसित किया गया है।

इसके लिए मंत्रालय ने आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी अनुसंधान परिषदों के साथ मिलकर एक रुग्‍णता कोड तथा आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध जैसी चिकित्‍सा प्रणाली के लिए मानकीकृत शब्‍दावली विकसित की है। होम्‍योपैथी, योग तथा प्राकृतिक चिकित्‍सा प्रणाली के जरिए उपचार किए जाने वाले रोगों के वर्गीकरण के लिए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के, (आईसीडी-10/11 कोड) को आधार बनाया गया है।

राष्‍ट्रीय आयुष रुग्‍णता तथा मानकीकृत शब्‍दावली पोर्टल में डेटा संग्रह प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है और साथ ही यह स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में विभिन्न आयुष प्रणालियों के योगदान के महत्‍व को रेखांकित करते हुए भविष्य की नीतियों को गहरे प्रभावित भी कर सकता है।

पोर्टल की मुख्य विशेषताओं में डेटा संकलन तथा उनकी निष्‍पक्ष रिर्पोटिंग के लिए एक सशक्‍त रुग्‍णता तथा मानकीकृत शब्‍दावली का होना है। इसके जरिए आयुष प्रणाली से इलाज उपलब्‍ध करा रही हर संस्‍था से प्राप्‍त होने वाले इलेक्‍ट्रॉनिक हेल्‍थ रिकॉर्ड को एक स्‍थान पर संकलित करने की व्‍यवस्‍था भी है।

आयुष रुग्‍णता तथा मानकीकृत शब्‍दावली पोर्टल के लिए आंकड़े इक्‍ट्ठा करने के लिए लिए अनुसंधान परिषदों, राष्‍ट्रीय संस्‍थानों तथा शिक्षण संस्‍थानों से चयनित आयुष पेशेवरों का पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 अक्‍टूबर, 2017 को आयोजित किया गया था।

आज से शुरू हुए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत मेडिकल कोडिंग (आईसीडी 10, 11), अंतर्राष्‍ट्रीय मानकीकृत चिकित्‍सा शब्‍दावली, (एसएनओएमईडी-सीट, चीनी औषधि आदि), रुग्‍णता कोडिंग प्रणाली तथा आयुष के तहत आयुर्वेद सिद्ध यूनानी जैसी चिकित्‍सा प्रणालियों के लिए मानकीकृत शब्‍दावली से प्रशिक्षुओं को परिचित कराना है।

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