बंगाल में आयुष्मान के साथ स्वास्थ्य साथी



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 23 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आयुष्मान भारत परियोजना के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वास्थ्य साथी को एक साथ जोड़कर आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य साथी परियोजना शुरू की जा रही है। बताया जाता है कि इस परियोजान के बारे में केंद्र और राज्य में एक समझौते में हस्ताक्षर हुए हैं। इसके तहत राज्य के 70 फीसद या 6 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया जा सकेगा। हालांकि परियोजनाओं के नाम बदल जाएंगे, लेकिन सेवाएं पुरानी ही रहेंगी। इतना जरुर है कि लाभ हासिल करने वाले लोगों की संख्या और राज्य का खर्च पहले के मुकाबले बढ़ जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि केंद्र की ओर से चलाया जाने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) बंद कर दी जा रही है। इस परियोजना में 64 लाख परिवार जुड़े हुए हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य साथी परियोजना में कुल मिलाकर 52 लाख परिवार शामिल हैं। इस तरह गरीब और कम आय वाले तकरीबन साढ़े चार करोड़ लोग नई परियोजना में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं, नई परियोजना में और 37 लाख परिवार या डेढ़ करोड़ लोग इसमें शामिल होंगे। इससे राज्य की 9 करोड़ आबादी में तकरीबन 6 करोड़ लोग परियोजना में शामिल हो जाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, आरएसबीवाई कार्ड धारक को स्वास्थ्य के खर्च में 30 हजार रुपए मिलते थे। स्वास्थ्य साथी परियोजना में बीमारी के लिए डेढ़ लाख रुपए और जटिल बीमारी के लिए साल में 5 लाख रुपए तक प्रदान किए जाते हैं। अब केंद्र -राज्य की मिलीजुली नई परियोजना में उपभोक्ता परिवार को साल में 5 लाख रुपए तक कैशलेस बीमा की सुविधा मिल सकेगी। बताया जाता है कि अगर सारा कुछ योजना के मुताबिक चलता रहा तब एक अक्तूबर से यह परियोजना चालू हो जाएगी। यह परियोजना केंद्र-राज्य के बीच 60-40 फीसद की रकम से चलेगी। इसके पहले दोनों परियोजनाओं का बजट करीब 450 करोड़ रुपए था। नई परियोजना चालू होने के बाद राज्य का शेयर तो बंद नहीं होगा, इसके साथ ही 50 करोड़ रुपए राज्य का खर्च और बढ़ जाएगा।

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