भारतीय संस्‍कृति प्रतिभा और सेवा को प्रोत्‍साहित करती है : उपराष्‍ट्रपति



तिरुपति, 25 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

उपराष्‍ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने कहा है कि भारतीय संस्‍कृति प्रतिभा और सेवा को प्रोत्‍साहित करती है। उपराष्‍ट्रपति आज आंध्र प्रदेश के तिरुपति में महिला स‍शक्‍तिकरण तथा किसान विकास की पहलों पर राष्‍ट्रीय सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आंध्रप्रदेश के उद्योग मंत्री एन• अमरनाथ रेड्डी तथा अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्‍ट्रपति ने कल्‍याणकारी कार्यक्रमों तथा सरकार की विकास योजनाओं से महिलाओं और किसानों को जोड़ने तथा सौहार्द तथा राष्‍ट्रीय एकीकरण को प्रोत्‍साहित करने के लिए राष्‍ट्रीय सेवा समिति की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि महिलाओं को सशक्‍त बनाने के लिए समाज की सोच में परिवर्तन लाने की आवश्‍यकता है।

उपरष्‍ट्रपति ने कहा कि कृषि हमारी मूल संस्‍कृति है। हमें इसे समर्थन देना है तथा किसानों के लिए कृषि को उपयोगी बनाना है। उन्‍होंने कहा कि मुर्गी पालन तथा डेयरी से किसानों को अतिरिक्‍त आय की प्राप्ति होगी और उन्‍हें इन गतिविधियों को अपनाने पर विचार करना चाहिए।

उपराष्‍ट्रपति ने तिरुपति को स्‍वच्‍छ और हरित बनाए रखने के लिए पालिका अधिकारियों की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि लोगों की भागीदारी से स्‍वच्‍छ भारत जैसे कार्यक्रम सफल होंगे।

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि प्रत्‍येक व्‍यक्ति के मस्तिष्‍क में सेवा भावना होनी चाहिए। साझेदारी और सेवा हमारे दर्शन का मूल है।


॥■॥ विद्यार्थियों को अपने मस्तिष्‍क में करुणा और सेवा की भावना विकसित करनी चाहिए : उपराष्‍ट्रपति

उपराष्‍ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने कहा है कि विद्यार्थियों को अपने मस्तिष्‍क में करुणा और सेवा की भावना विकसित करनी चाहिए। उपराष्‍ट्रपति आज आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भारतीय विद्याभवन के श्रीवेंकटेश्‍वर विद्यालय में नवाचार तथा कौशल विकास गतिविधियों को देखने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री एन• अमरनाथ रेड्डी तथा अन्‍य गणमान्‍य लोग उपस्थित थे।

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि इस स्‍कूल के विद्यार्थी के रूप में सभी को अपने जीवन में मूल्‍य स्‍थापित करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने माता-पिता, शिक्षकों तथा नागरिकों का सम्‍मान करना चाहिए। उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि हमें अपने मस्तिष्‍क में करुणा और सेवा की भावना विकसित करना चाहिए और सभी को सामूहिक जिम्‍मेदारी की भावना के साथ देश के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

उपराष्‍ट्रपति‍ ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि उन्‍हें युवावस्‍था से ही अ‍च्‍छी पुस्‍तकों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि हमारे पास व्‍यक्तित्‍व को निखारने के लिए अनेक पुस्‍तकें हैं और इन पुस्‍तकों में हमारे पुराने संतों, आधुनिक अग्रदूतों के अनुभव वाले असंख्‍य मूल्‍य दिए गए हैं।

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि शिक्षा अपनी प्रासंगिकता खो रही है क्‍योंकि इसे प्रमाण पत्र तथा ग्रेड प्राप्ति का मानक माना जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी परिवर्तन होना चाहिए जो अपने देश की भविष्‍य की पीढ़ी का निर्माण कर सके।

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