वाराणसी, 04 अक्टूबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● चंदन के पेड़ नहीं आंखों से काजल चुराया गया, चोर काट ले गये चंदन के चार सयाने पेड़
● हाई सिक्योरिटी जोन से चोरी गये चंदन की लकड़ी की कीमत 60 लाख रुपये
आंखों से काजल चुरा लेने की करिश्माई कारसाजी से जरा भी कमत्तर शातिराना नहीं है, बीएचयू के भैषज्योद्यान से चंदन के चार सयाने पेड़ चुरा लेने की घटना। सुरक्षा के नाम पर 9.50 करोड़ का वार्षिक भारी भरकम बजट, लगभग हजार सुरक्षाकर्मियों का घेरा, हर कदम पर बैरिकेडिग और सैकडों सीसीटीवी कैमरों की निगाहबीनी के बावजूद भी शातिर चोर सारी व्यवस्थाओं को अंगूठा दिखा गये। बीएचयू प्रशासन सांप गुजर जाने के बाद लकीर को पिटे जा रहा है। बयानों के छकड़े को घसीटे जा रहा है। बात अगर सुई गुम हो जाने की होती तो प्रशासन की सफाईयों पर एक बार यकीन किया भी जा सकता था। लेकिन बात यहां 18-20 फिट ऊंचे चंदन की पेड़ों की है इसलिए इसे किसी बहाने की ओट नहीं दी जा सकती।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान आयुर्वेद संकाय के द्रव्यगुण विभाग परिसर और भैषज्योद्यान (मेडिसिनल प्लांट गार्डेन) से चंदन के चार पेड़ काटकर चोरी का मामला पकड़ में आया है। चोरी गये चंदन की लकड़ी लगभग चार क्विंटल बताई जा रही है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है। चंदन चोरी की घटना से सुरक्षा की हाईफाई इंतजाम पर सवालिया निशान लग गया है। विश्वविद्यालय के हाई सिक्योरिटी जोन में हुई लाखों की चोरी से परिसर में हडकंप मच गया है। मामले की सूचना द्रव्यगुण विभाग के अध्यक्ष प्रो• के• एन• द्विवेदी ने प्राक्टोरियल बोर्ड को दे दी है। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे प्राक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों ने चोरी गये चंदन की पेड़ों की पड़ताल की। चोरी गये चंदन का पेड़ लगभग 40 साल पुराना है। मेडिसिनल प्लांट गार्डेन में औषधीय पौधे लगाये गये हैं। इन औषधीय पौधो से चिकित्सा शिक्षा में अध्ययन अध्यापन का कार्य होने के साथ ही आयुर्वेद के फार्मेसी विभाग में औषधियों का निर्माण भी होता है। मिली जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर की छुट्टी के बाद जब बुधवार 3 अक्टूबर की सुबह विभाग खुला तो वहां स्टैण्ड में लगे दो चंदन की पेड़ को जड़ से काट लिया गया था, वही तीसरे पेड़ को भी काटने का प्रयास किया गया था। विभाग के बगल में स्थित भैषज्योद्यान से भी चंदन का दो पेड़ काट लिया गया था। मजेदार बात यह है कि जहां चोरी की घटना हुई वह विश्वविद्यालय का हाई सिक्योरिटी जोन है। शाम ढलते ही मधुबन मार्ग पर बैरियर लगा दिया जाता है, जिससे उक्त मार्ग पर आवाजाही बंद हो जाती हैं। घटना स्थल से बीस मीटर की दुरी पर छात्र अधिष्ठाता चौराहे पर 24 घंटे तैनात सुरक्षाकर्मी, 200 मीटर की दूरी पर प्राक्टोरियल बोर्ड कार्यालय, 150 मीटर की दूरी पर कुलपति आवास के पास तैनात प्राक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों को चंदन की लकड़ी चोरी होने का भनक भी नहीं लगती है और चोर आरी से पेड़ काटकर चंदन की लकडी को टुकड़े टुकडे करके बंद उद्यान की दीवार लांघकर फरार हो जाते हैं।
॥■॥ चोरी गये चंदन की लकड़ी की कीमत 60 लाख
इस बाबत द्रव्यगुण विभाग के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रो• अनिल कुमार सिंह ने बताया कि परिसर से लगभग 40 वर्ष पुरानी चार चंदन के पेड़ों को छुट्टी की रात किसी समय चोरों ने काटकर गायब कर दिया है। चोरी गये चंदन की लकड़ी का वजन करीब 4 क्विंटल है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये है। उन्होने बताया कि विभाग में यह चोरी की घटना गंभीर मामला है। इसकी सूचना प्राक्टोरियल बोर्ड को दे दी गई है।
॥■॥ गंभीर मामला है, होगी जांच - कुलपति
संगीत एवं मंच कला संकाय में आयोजित समारोह में शिरकत करने आये कुलपति प्रो• राकेश भटनागर ने पत्रकारों द्वारा चंदन की लकड़ी चोरी के मामले में बात की तो उन्होने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। यह गंभीर मामला है। इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जायेगा। दोषी लोगों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जायेगा।
■ बीएचयू की सामरिक हैसियत
• बजट - 9.50 करोड़ प्रति वर्ष
• कुल सुरक्षाकर्मियो की संख्या - 900
• महिला सुरक्षार्मी - 40
• सुरक्षाधिकारी स्थायी - 4
• सहायक सुरक्षाधिकारी - 3
• सुरक्षा निरीक्षक - 2
• चीफ प्राक्टर सहित 26 लोगों का प्राक्टोरियल बोर्ड
• वाहन चार पहिया - 9
• मोटरसाइकिल - 2
• गनमैन - 150 (नोट: यह केवल अधिकारियों के लिए ही सुलभ है)
• करोड़ों की लागत से परिसर में सैकडों सीसीटीवी कैमरे (नोट: बीस प्रतिशत चालू हालत में शेष कंडम)
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