---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 12 अक्टूबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
दुर्गापूजा में आधार को लेकर बनाई गई थीम को देखकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नाराज हो गई। बदामतल्ला आषाढ़ संघ की पूजा का उद्घाटन करने पहुंची ममता ने पूजा आयोजकों से पूछा कि आधार की थीम क्यों बनाई गई है? हम लोग तो आधार के खिलाफ हैं? ममता के सवाल देख कर पूजा कमेटी के आयोजक हड़बड़ा गए, लेकिन एक आयोजक ने उन्हें बताया कि थीम इस तरह बनाई गई है जिससे लोगों को लगे कि हम आधार के खिलाफ हैं। तुरंत ममता ने कहा कि देख कर तो ऐसा नहीं लगता है कि पक्ष में है या विपक्ष में है।
उन्होंने वीआइपी के लिए बनाए गए बड़े मंच को लेकर भी आयोजकों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आयोजकों को लताड़ते हुए कहा कि ऐसा करने के बजाए लोगों के आने-जाने के लिए ज्यादा जगह की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। पूजा पंडाल और दर्शकों के आने जाने वाले हर रास्ते पर तीक्ष्ण नजर रखते हुए ममता ने पूजा आयोजकों को सतर्क किया।
इसके बाद ममता भवानीपुर 75 पल्ली में गई और वहां पहुंच कर कहा कि रास्ते पर कब्जा करके पूजा करना ठीक नहीं है। दर्शनार्थियों के आने-जाने की जगह की व्यवस्था करनी चाहिए। कम से कम दमकल की एक गाड़ी के आने लायक रास्ता होना चाहिए। अगर किसी तरह की आपदा हो गई तो क्या होगा? पूजा कमेटी के आयोजक तो पूजा में व्यस्त रहेंगे।
उन्होंने कहा कि मैं सारी रात जग कर रहती हूं क्यों आप लोगों को मालूम है? इसका कारण यह चिंता है कि पता नहीं कब कहां हादसा हो जाए। इसलिए आप लोगों से कह रही हूं कि त्योहार के साथ ही स्थानीय लोगों के बारे में भी आप लोगों को सोचना होगा। यहां ममता की अलचिकी भाषा में लिखी कविता को लेकर थीम बनाई गई है। इसी तरह मुख्यमंत्री प्रतिदिन अनेक जगह पूजा का उद्घाटन कर रही हैं और जहां कुछ कमी दिखती है तो जमकर खिंचाई करती हैं, लेकिन जहां उन्हें अच्छा लगता है तुरंत प्रशंसा भी करती हैं।
भवानीपुर 66 पल्ली की पूजा करने वालों में एक तृणमूल कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता रजत सेनगुप्ता भी शामिल हैं। यहां मूर्ति देख कर ममता बहुत खुश हो गई। उन्होंने कहा कि सरकार अब तांत का काम करने वाले लोगों के साथ है। पहले तंतुज, मंजुषा जैसी संस्थाएं घाटे में चलती थी, लेकिन हमारे आने के बाद वहां फायदा हो रहा है। मसलिन उद्योग को बचाए रखने के लिए राज्य सरकार ने 600 मसलिन कारीगरों की आर्थिक मदद की है। तांत बंगाल का गौरव है। सरकार उन लोगों से कपड़े खरीद रही है। एक लाख तांत का काम करने वालों को मशीनें दी गई हैं।
राज्य सरकार की ओर से क्लबों को आर्थिक मदद दिए जाने का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हजारों क्लबों को रकम इसलिए दी जाती है कि वे ज्यादा से ज्यादा सामाजिक कार्य कर सकें। अनुदान देने का विरोध करके अदालत में याचिका दायर करने वालों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि इससे कुछ होने वाला नहीं है, आगामी दिनों भी क्लब और लोगों की मदद जारी रहेगी। चक्रबेड़िया में प्राकृतिक सद्भाव की थीम को देख भावविभोर ममता ने कहा कि जब लोगों की भावनाएं ऐसी हैं, तब बंगाल में हम सारे लोग एक साथ मिलजुल कर क्यों नहीं रह सकेंगे?
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