हावड़ा नगर निगम में हुए सैकड़ों अवैध नियुक्तियों के खिलाफ पार्षद का मेयर को पत्र



हावड़ा, 01 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

हावड़ा नगर निगम में हुए सैकड़ों अवैध नियुक्तियों का विषय को उठाते हुए इसके खिलाफ वार्ड संख्या 13 से भारतीय जनता पार्टी की पार्षद गीता राय ने मेयर डॉ• रथीन चक्रवर्ती को पत्र लिखा है। आरोप है कि पिछले पाँच साल के अपने कार्यकाल में हावड़ा नगर निगम के मेयर ने सभी नियमों को ताक पर रखते हुए अवैध नियुक्ति कर निगम की व्यवस्था बिगाड़ी और अब जब चुनाव सामने है तब एक बार फिर सैकड़ों तृणमूल कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से नौकरी में रखने का अनैतिक कार्य किया।

आरोप का पक्ष रखते हुए बताया गया कि मेयर, कमिश्नर एवं निगम की गलत नीतियों के कारण हावड़ा के हज़ारों व्यवसायियों का ट्रेड लाइसेंस अधर में है। वहीं हावड़ा नगर निगम में स्थायी कर्मचारियों की कमी का सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। लाइसेंस विभाग में जहां पिछले कई वर्षों से यह विभाग बिना लाइसेंस अधिकारी के चल रहा है। तत्काल में यह विभाग देख रहे कार्यकारी अधिकारी इसी विभाग के हेड क्लर्क हुआ करते थे, जिनके ऊपर पिछले दिनों एक सहकर्मी ने यौन शोषण का आरोप लगा है और यह विषय खूब चर्चा में है। फिलहाल 66 वार्डों वाले निगम के लाइसेंस विभाग को देखने के लिए केवल तीन लाइसेंस इंस्पेक्टर है जिसमें से एक डिस्पैच विभाग देखते है यानी दो इंस्पेक्टरों पर 66 वार्ड का कार्यभार है।

नए लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले व्यवसायी जिन्होंने खुद आवेदन किया है (दलाल के बिना) उनका आवेदन एक साल से भी ज्यादा समय से लंबित है। यहाँ तक कि जिनके सारे कागजात पूर्ण है और उनका इंस्पेक्शन भी हो चुका है वो भी कई महीनों से प्रतीक्षा में है। मनमानी फीस और निगम की ज्यादतियों को पहले से झेल रहे व्यवसायी इनके चक्कर में बुरे फसे है। ट्रेड लाइसेंस नहीं होने के कारण उनके दूसरे लाइसेंस एवं बैंक खाते भी नहीं खुल पा रहे है। यहां तक कि ट्रेड लाइसेंस रिन्यूअल करने वालों को भी महीनों इंतज़ार करना पड़ रहा है। वर्तमान में लाइसेंस के दर्शन उन्ही को हो रहे है जो अधिकारियों को लक्षमी दर्शन करवाये अथवा किसी नेता व मंत्री से पैरवी करवाएं।

ऐसी अवस्था में निगम के मेयर ने चुनाव के नजदीक सैकड़ों तृणमूल कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से विभिन्न विभागों में नियुक्त किया जहां इनकी आवश्यकता नहीं है। और वे सभी पद खाली है जहाँ तत्काल अधिकारियों की आवश्यकता है - जैसे लाइसेंस इंस्पेक्टर, फूड इंस्पेक्टर, स्ट्रक्चरल इंस्पेक्टर, हेल्थ ऑफिसर जैसे पद खाली है।

भाजपा नेता उमेश राय ने इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसे ही कहते है अंधेर नगरी चौपट राजा। जहां एक ओर 100 रुपये रोज पर सफाई करने वाले कर्मचारियों को तीन तीन महीनों तक बिना तनख्वाह के काम करना पड़ रहा है वहीं निगम हर महीने सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं को जो कोटा में नियुक्त हुए है ऐसे लोगों को बेवजह तनख्वाह दे रही है।

https://www.indiainside.org/post.php?id=4186