ममता की पेंटिंग से दफ्तर सजाएगी सीबीआई ?



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 02 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पेंटिंग लेकर सीबीआई क्या करेगी, यह सवाल लोगों के सामने उभर कर सामने आया है। इसका कारण यह है कि बीते कुछ सालों के दौरान सीबीआई जहां यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि उनकी पेटिंग को किसने खरीदा है, अब वे पेंटिंग अपने कब्जे में ले चुके हैं। बताया जाता है कि तृणमूल कांग्रेस के एक करीबी व्यापारी शिवाजी पांजा ने ममता की कई पेंटिंग खरीदी थी। कुल मिलाकर उन्होंने 50 लाख रुपए की पेंटिंग खरीदी थी। उन पेंटिंग में सीबीआई ने 10 पेंटिंग को अपने साल्टलेक स्थित सीजीओ कांप्लेक्स में भेजने का निर्देश दिया था। यह दस पेंटिंग सीबीआई के सुपुर्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सीबीआई ममता की पेंटिंग में क्या ढूंढ रही है।

मालूम हो एक पेंटिंग की कीमत एक हजार रुपए होती है तो उसी तरह की दूसरी पेंटिंग की कीमत एक करोड़ रुपए से भी अधिक हो सकती है। पेंटिंग बनाने वाले से लेकर पेंटिंग की कीमत में कई बातें शामिल होती हैं। कला का मामला कानून के दायरे में नहीं आ सकता। ऐसे में सीबीआई पेंटिंग को लेकर क्या करेगी ?

शिवाजी के मुताबिक अक्टूबर में दो बार उन्हें दफ्तर बुलाकर सीबीआई ने पूछा था कि उनके पास पेंटिंग खरीदने के लिए 50 लाख रुपए कहां से आए ? उन्होंने सीबीआई की ओर से मांगे गए सारे दस्तावेज जमा कर दिए। सीबीआई की ओर से किसी जमाने में उनके साथ कारोबार करने वाले कौस्तव को भी बुलाकर पूछताछ की गई।

इस बारे में कौस्तव का कहना है कि पेंटिंग के बारे में सबसे सटीक जानकारी तो मुकुल राय के पास है। सुना है कि भागने से पहले शारदा प्रमुख सुदीप्त राय ने मुकुल के साथ मुलाकात की थी। शारदा मामले में सीबीआई को जांच में सबसे ज्यादा कोई मदद कर सकता है तो वह मुकुल ही है। ऐसा लग रहा है कि सीबीआई अपने दफ्तर की सजावट करने के लिए ममता की तस्वीरें इक्ट्ठा कर रही है।

हालांकि सीबीआई का कहना है कि शारदा चिटफंड के पैसों से पेंटिंग खरीदी गई है या नहीं इसकी जांच की जा रही है। सीबीआई के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि जांच के अंग के हिसाब से पेंटिंग मंगवाई गई है। इस बारे में और भी पेंटिंग मंगवाई जा रही है।

मालूम हो कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से पहले ही यह साफ कर दिया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी तस्वीरें बेच कर दल और जनकल्याण के काम के लिए धन जुटाती हैं। पेंटिंग से मिलने वाली रकम मुख्यमंत्री और राज्यपाल राहत कोष में जमा की गई है।

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