बीएचयू हिंसा : जांच में जुटे न्यायिक आयोग के सचिव की छुट्टी



--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।

☆ पीड़ित छात्रा का दर्ज नहींं हुआ बयान

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में गत दिनों एक छात्रा के साथ छेड़खानी के बाद अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर धरने पर बैठी छात्राओं पर बर्बर लाठीचार्ज के बाद भडकी हिंसा के बाद जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग के सचिव को हटा दिया गया है। सचिव पद पर रहे बीएचयू के असिस्टेंट रजिस्ट्रार एस• एस• एल• श्रीवास्तव की जगह अब रिटायर्ड न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति होगी। नए सचिव की नियुक्ति के साथ ही आयोग का बनारस में कार्यालय खुलेगा। यह जानकारी बुधवार को जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति न्यायाधीश वी• के• दीक्षित ने दी।

उन्होने बताया कि निष्पक्ष जांच के लिए किसी न्यायिक अधिकारी की सचिव पद पर नियुक्ति के लिए बीएचयू के रजिस्ट्रार को निर्देशित किया गया है। न्यायमूर्ति श्री दीक्षित ने बताया कि आयोग का कार्यालय खोला जाएगा। इससे बयान व साक्ष्य देने वालों को सहुलियत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के संबंध में जानकारी रखने वाले लोगों के बयान या फिर साक्ष्य शपथ पत्र के साथ ही लिए जाएंगे। सादे कागज पर लिखकर कही गई बातों को आयोग सुझाव के रूप में लेगा। सुझाव उनसे मिलकर या फिर ई-मेल पर भी दिए जा सकते हैं।

जांच आयोग के अध्यक्ष ने सुनवाई के दूसरे दिन बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में घूमकर उन स्थानों को देखा जहां गत 21 से 23 सितम्बर के बीच घटनाएं हुई। सबसे पहले वह उस जगह पर गए जहां छात्रा संग छेड़खानी की घटना हुई थी। सुरक्षा की मांग को लेकर छात्राओं के धरना - प्रदर्शन वाले स्थान के अलावा महिला छात्रावास त्रिवेणी संकुल और कोचिन हाऊस से लेकर महिला महाविद्यालय तक के इलाके को भी उन्होंने देखा।

इस दौरान उन्होंने बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर प्रो• रोयना सिंह से भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। जांच आयोग के अध्यक्ष उस छात्रा से भी नहीं मिल पाए जिसके संग छेड़खानी हुई थी। बीएचयू प्रशासन की ओर से यह बताया गया कि छुट्टी के बाद छात्रा अभी घर से वापस नहीं लौटी है। उसके गुरुवार को आने की संभावना है।

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