कोलकाता, 4 अक्टूबर। नौंवी और ग्यारहवीं कक्षा के लिए पंजीकरण करने वाले छात्र-छात्राओं का पंजीकरण आधार के बगैर नहीं होगा। सीबीएसई ने पंजीकरण के लिए आधार को बाध्यतामूलक कर दिया है। मालूम हो कि पहली बार देश में किसी बोर्ड ने पंजीकरण के लिए आधार को बाध्यतामूलक किया है। हालांकि आधार नंबर नहीं होने वाले विद्यार्थी आधार के लिए पंजीकृत किया गया नंबर दिखाकर भी पंजीकरण करवा सकते हैं। हाल में सीबीएसई की ओर से स्कूलों को इस बारे में विज्ञप्ति भेज कर सूचित किया है।
सूत्रों ने बताया कि पंजीकरण के बारे में नौंवी और ग्यारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के बारे में विज्ञप्ति में विस्तार से जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि कैसे पंजीकरण करना होगा, किस तरह रकम जमा करनी होगी। यह सारा काम आन लाइन पर ही होगा। इसलिए आनलाइन फार्म भरते समय आधार नंबर भरना जरुरी होगा। लेकिन किसी छात्र या छात्रा का आधार नंबर नहीं होने पर आधार के पंजीकरण की पर्ची का नंबर भी मान्य होगा। यह नंबर भी नहीं होने पर विद्यार्थी को अपने बैंक खाते के बारे में जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही सभी स्कूलों को आनलाइन के माध्यम से उनके नाम दर्ज करने होंगे।
मालूम हो कि इसके पहले केंद्र सरकार की ओर से स्कालरशिप, गैस सिलेंडर के लिए सबसिडी समेत कई मामलों में आधार को जरुरी किया गया था। हालांकि आईसीएसई स्कूलों की ओर से अपनी मार्कशीट और दूसरे प्रमाण पत्र डिजीटल लाकर में रखने का फैसला किया गया है, जिसके लिए आधार नंबर की जरुरत है। लेकिन पंजीकरण के लिए पहले किसी बोर्ड ने आधार को जरुरी नहीं कहा था। भले ही सीबीएसई की ओर से यह निर्देश जारी किए गए हो लेकिन राज्य के बोर्ड ने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है।
इधर, 2017-18 शिक्षा वर्ष में नौंवी कक्षा में पंजीकरण करवाने वाले छात्र-छात्राओं को दसवीं के बोर्ड की परीक्षा देनी ही होगी। सीबीएसई ने दसवीं की परीक्षा को भी आवश्यक कर दिया है। इसके साथ ही 10वीं के बोर्ड की परीक्षा का पैटर्न भी बदला गया है। अब 80 नंबर की लिखित परीक्षा होगी और 20 नंबर का इंटरनल एसेसमेंट होगा। दोनों परीक्षाएं पास करने के लिए न्यूनतम 33 फीसद अंक हासिल करने होंगे।
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