विश्व मिर्गी दिवस: मरीजों को दिखाई गई फ़िल्म, चिकित्सकों ने किया जागरूक



वाराणसी, 17 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल चिकित्सालय में विश्व मिर्गी दिवस पर अस्पताल के बहिरंग विभाग के बाहर मरीजों के बीच पहुंचकर चिकित्सकों ने जागरूकता फैलायी। साथ ही फ़िल्म "एक नया दिन" दिखाकर समाज में फैले अंधविश्वास पर कुठाराघात किया। चिकित्सकों ने बताया कि मिर्गी अन्य बीमारियों की तरह ही एक सामान्य बीमारी है जिसका इलाज संभव है। मिर्गी को लेकर आज भी ग्रामीण परिवेश में तरह तरह के अंधविश्वास फैले हैं जिसके कारण मरीज समय से चिकित्सकों के पास नहीं पहुंच पाता और लगातार दौरे पड़ने से उनकी मृत्यु हो जाती है।

चिकित्सा विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो• टी• एन• महापात्रा ने मिर्गी रोग के मूल जड़ को बताया और कहा कि आप इसे अपवाद न समझे चिकित्सकों के पास पहुंचकर इलाज कराएं यह जरूरी है कि यह अनुवांशिक हो सकता है लेकिन उसके बावजूद भी मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।

पूर्व विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव ने कहा कि यह गंभीर बात है कि पूरे विश्व में 5 करोड़ मरीज मिर्गी के है जिनमें से 1 करोड़ मरीज भारत मे पाए जाते है। उन्होंने कारण बताते हुए कहा कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट है कि गंदे पानी में उगाई जाने वाली सब्जियों के कीड़े मस्तिष्क में चले जाते हैं और वह दिमाग को असन्तुलित कर देते हैं जिससे मिर्गी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे पदार्थों के सेवन से बचें और साथ ही स्वच्छता के प्रति विशेष ध्यान दें।

डॉ• अभिषेक पाठक ने मरीजों से बातचीत के दौरान कहा कि मिर्गी एक लाइलाज नहीं है। जल्दी पैदा हो जाने वाले बच्चों में अक्सर यह हो रहा है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। जब भी शरीर में अकड़न, झाग निकलना, मूर्छित होना, दिमाग का रिस्पांस न करना, यदि ऐसे लक्षण आये तो तत्काल न्यूरोलॉजिस्ट से मुलाकात कर इलाज शुरू कराना चाहिए।

संचालन करते हुए ख्यात न्यूरोलॉजिस्ट व चिकित्साधीक्षक प्रो• विजय नाथ मिश्र ने कहा कि तांत्रिक के चंगुल में बिल्कुल न पड़ें। जूता सुंघाने, खटमल खिलाने जैसे रूढ़िवादी सोच से ऊपर उठकर चिकित्सकों तक पहुंचने की जरूरत है। मिर्गी वह बीमारी भी नहीं है जिसमें पति-पत्नी में तलाक की स्थिति बने। जिन लड़कियों की शादी होनी है उनके अभिभावकों को चाहिए कि वह ससुराल पक्ष से कुछ छुपाए नहीं व बताकर विवाह करें। यदि लड़की समय से दवा खाती है तो उसके वैवाहिक जीवन में कोई परेशानी नहीं होगी। ऐसा भी नहीं है कि मिर्गी रोग से गर्भावस्था के वक्त कोई दिक्कत आये।

धन्यवाद ज्ञापन सुमिल तिवारी ने दिया। इस दौरान ए•आर• मनोज गुप्ता, डिप्टी नर्सिंग सुपरिटेंडेंट सुशील पांडेय, आनंद श्रीवास्तव सहित अस्पताल के सैकड़ों मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।

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