ममता ने कथित भुखमरी से हुई मौतों को मनगढ़ंत बताया



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 20 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

राज्य में मीडिया के एक वर्ग में कथित भुखमरी से कुछ आदिवासियों की मौतों की खबर छपने के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन खबरों को मनगढ़ंत करार दिया है। उन्होंने कहा कि उनलोगों की मौत या उम्रजनित बीमारियो की वजह से हुई या फिर ज्यादा शराब पीने से। बीते सप्ताह कुछ अखबारों में इस आशय की खबरें छपी थीं कि झाड़ग्राम जिले के जंगलमहल इलाके में भुखमरी की वजह से शबर समुदाय के सात लोगों की मौत हो गई है। लेकिन मुख्यमंत्री ने मंगलवार को विधानसभा में इन खबरों को निराधार और मनगढ़ंत करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के हर गरीब व्यक्ति को खाद्यान्न मुहैया कराती है।

ममता ने कहा कि शबर समुदाय के सात लोगों की भुखमरी से मौत होने की खबर पूरी तरह झूठ व मनगढ़ंत है। बंगाल में भुखमरी से किसी की भी मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तर में पर्वतीय क्षेत्र से लेकर दक्षिण में जंगलमहल तक हर गरीब व्यक्ति को मुफ्त चावल व गेहूं मुहैया कराती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलमहल में ज्यादा मात्रा में शराब के सेवन या उम्रजनित बीमारियों से ही लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि दो लोगों की मौत उम्रजनित बीमारियों या बुढ़ापे की वजह से हुई है जबकि बाकी लोगों की मौत ज्यादा शराब पीने की वजह से हुई लीवर की समस्याओं के चलते हुई हैं। राज्य के आदिवासी तबके के लोगों के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई विकास योजनाएं गिनाते हुए ममता ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील है। इसबीच, मुख्यमंत्री के एकतरफा बयान के बाद शबर समुदाय के लोगों की कथित मौत के मुद्दे पर सदन में विस्तृत बहस की मांग ठुकराए जाने के विरोध में विपक्षी माकपा व कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा से वाकआउट किया।

सदन में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्ना ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार विधानसभा के नियमों का हवाला देकर इस मुद्दे पर सदन में बहस कराने से डर रही है। इससे कई गोपनीय बातों का खुलासा हो जाएगा। तब विपक्ष सरकार को कटघरे में खड़ा कर सकता है। मन्नान ने कहा कि इससे बचने के लिए ही मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर एकतरफा बयान दिया है।

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