---हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गत एक पखवाड़े पूर्व में एक छात्रा के साथ हुई छेड़खानी के बाद फैली हिंसा की तमाम ऐजेंसियों की जांच चल ही रही थी कि गुरुवार को सामाजशास्त्र विभाग की एक छात्रा के साथ विभाग में ही छेड़खानी की शिकार हो गई।
छेड़खानी का विरोध करने वाली छात्रा के साथ आरोपी ने मारपीट करने के बाद उसका मोबाइल भी तोड़कर फरार हो गया। जिस समय छेड़खानी की यह घटना घटित हुई उस समय राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम गत दिनों छेड़खानी के बाद बीएचयू में भडकी हिंसा के मामले में लक्ष्णदास अतिथिगृह में छात्राओं का बयान दर्ज कर रही थी।
आज की घटना के मामले में पीड़ित छात्रा ने समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष के माध्यम से प्राक्टोरियल बोर्ड को दिये गये प्रार्थना पत्र में यह कहा है कि उसकी सामाजिक विज्ञान संकाय के ही एक छात्र शीतला शरण गोंड ने पहले उसके साथ छेड़खानी की। इसका विरोध करने पर आरोपी छात्र ने उसके बाल खींचकर मारपीट करने के बाद मोबाईल पटककर तोड़ दिया। शीतला गोंड एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का छात्र है। आरोपी को लंका थाने की पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए आरोपी छात्र शीतल गोंड का कहना है कि उसका पीड़िता के साथ तीन साल से संबध था, लेकिन अब अचानक वो उससे दूरियां बनाने लगी थी।
गौरतलब है कि एक महीने के अंदर ही बीएचयू परिसर में छेड़खानी की यह दूसरी घटना है। इसके पूर्व गत 21 सितम्बर की शाम एक छात्रा के साथ छेड़खानी की घटना के बाद परिसर हिंसा की चपेट में आ गया था। छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ के बाद सड़क पर अपनी सुरक्षा को लेकर उतरी छात्राओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था जिसके बाद छात्राओं का गुस्सा और भी बढ़ गया था ।इस दौरान काफी छात्राओं को गंभीर चोटें भी आई थी। जिसके बाद बीएचयू प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए थे। यहां तक कि कुलपति को भी अचानक छुट्टी पर जाना पड़ा। इसके बाद न्यायिक आयोग, मजिस्ट्रेट जांच और क्राइम ब्रांच के बाद परिसर में राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम भी जांच के लिए बीएचयू में कैंप कर रही है।
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