16 दिसंबर को सिलीगुड़ी नहीं आएंगे मोदी



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 11 दिसम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

अमित साह के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित बंगाल सफर भी रद्द हो गया है। आगामी 16 दिसंबर को सिलीगुड़ी में उनकी सभा थी, जिसे प्रधानमंत्री ने रद्द कर दिया है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व को सोमवार को साफ तौर पर बता दिया गया है कि प्रधानमंत्री उस दिन नहीं आएंगे। राज्य में रथयात्रा को लेकर प्रधानमंत्री की कई रैलियां करके भाजपा के लिए माहौल बनाने के उद्देश्य से प्रदेश भाजपा ने परियोजना बनाई थी। जिससे लोकसभा चुनाव के लिए दल के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जोश भरा जा सके। लेकिन रथ यात्रा को लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले से प्रदेश नेतृत्व हताश हो गया। जिससे 7 दिसंबर को कूचबिहार से रथयात्रा शुरू नहीं हो सकी। इसके कारण ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपना उत्तर बंगाल का दौरा रद्द कर दिया। राज्य भाजपा की ओर से रथयात्रा को लेकर बनाई गई रणनीति में 16 दिसंबर को सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री की सभा का कार्यक्रम था। अब यह सभा भी रद्द होने से प्रदेश भाजपा का नेतृत्व हताश और निराश बताया जाता है।

भाजपा के एक केंद्रीय नेता ने पत्रकारों को उक्त जानकारी देते हुए बताया कि 16 दिसंबर को प्रधानमंत्री बंगाल नहीं आ रहे हैं। कलकत्ता हाइकोर्ट की डिवीजन बेंच ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाया या कानूनी संकट दूर हो गया, तब हो सकता है कि 24 दिसंबर को नरेंद्र मोदी को यहां लेकर आने की कोशिश की जाए।

इस बारे में भाजपा के एक राज्य सचिव व रथ यात्रा की जिम्मेवारी संभालने वाले प्रताप बंदोपाध्याय ने कहा कि फिलहाल 16 दिसंबर को प्रधानमंत्री की सभा नहीं होगी। अदालत के फैसले के मुताबिक उसे कुछ दिन के लिए स्थगित किया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि सोमवार तक मोदी के लिए सिलीगुड़ी में मैदान ही तय नहीं हो सका था कि कहां उनकी सभा की जाएगी। अभी तक चार-पांच मैदान के बारे में प्राथमिक तौर पर सोच-विचार किया गया है। पता चला है कि कावाखाली का मैदान, पाथरघाटा के दो मैदान, बागडोगरा एयरपोर्ट के नजदीक एक मैदान और रेलवे के दो मैदानों को प्रधानमंत्री की सभा के लिए सोचा जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री की सभा के चार-पांच दिन पहले एसपीजी के जवानों की ओर से सभा स्थल का निरीक्षण किया जाता है, लेकिन सोमवार तक एसपीजी की ओर से जिला नेतृत्व के साथ किसी तरह का संपर्क नहीं किया गया था।

दूसरी ओर, बताया जाता है कि प्रधानमंत्री की सभा को लेकर अनिश्चितता के कारण केंद्रीय नेता राज्य नेतृत्व से खासे नाराज हैं। मालूम हो कि इसके पहले 16 जुलाई को मेदिनीपुर में प्रधानमंत्री की रैली में शामियाना गिरने से कई लोग घायल हो गए थे। इसके कारण भी प्रदेश भाजपा नेतृत्व की खासी किरकिरी हुई थी। अब रथयात्रा के पहले दो चरण स्थगित होने और भाजपा अध्यक्ष शाह का सफर रद्द होने के कारण यहां के नेताओं की और भी किरकिरी हुई है। ऐसे में प्रधानमंत्री के सफर को लेकर अनिश्चितता से प्रदेश के नेताओं की इमेज केंद्रीय नेताओं के सामने और ज्यादा खराब हुई है।

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