रायबरेली के विकास दीक्षित बने एनआईसी एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष



नई दिल्ली/रायबरेली, 23 दिसम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● प्रदीप गुप्ता अध्यक्ष और यूके जेना महासचिव निर्वाचित

अखिल भारतीय सूचना विज्ञान अधिकारी संगठन (ऐनोआ) के 2018-20 कार्यकारिणी चुनाव में उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की लालगंज तहसील के रायपुर एकौनी ग्राम निवासी रविशंकर दीक्षित के पुत्र अफसर विकास दीक्षित ने बाजी मारी है। उन्होंने कोषाध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध विजय हासिल की। अवध क्षेत्र के बैसवारा लालगंज में जन्में विकास की गिनती शुरू से ही मेधावी छात्र के रूप में रही है।

एनआईसी केंद्र सरकार के सूचना विज्ञान अधिकारियों की वह संस्था है, जो देश की डिजिटल क्रांति में अभूतपूर्व योगदान करती है। यहां तक कि केंद्र की सारी योजनाओं को अंतिम पायदान के व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य भी यही संस्था करती है। कल इलेक्ट्रानिक वोटिंग सॉफ्टवेयर (ईवीएस) द्वारा इस विभाग की नई कार्यकारिणी का चुनाव हुआ। नतीजों में जो विजेता घोषित हुए उनके नाम - अध्यक्ष पद के लिए प्रदीप कुमार गुप्ता, महासचिव के रूप में यूके जेना, उपाध्यक्ष पद के लिए एनके प्रसाद, संयुक्त सचिव पद के लिए शिवरामन और कोषाध्यक्ष के लिए विकास दीक्षित निर्वाचित हुए।

इसके अलावा सदस्य पद के लिए इन लोगों ने चुनाव जीता। जिनके नाम हैं - ए• रघुपति सहाय, बाजिद बाबू, संजीव आर, क्षीरसागर, प्रवीन शालिग्राम, हिमांशु मेहता, ए• सुंदरमूर्ति, डॉ• लक्ष्मी प्रसाद शर्मा, अनिल कुमार गुप्ता, अशोक कुमार, ज्ञान रंजन मिश्र, राजेंद्र प्रसाद, गौरव कुमार एवं मो• आरिफ अली हैं।

कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद विकास दीक्षित ने सभी शुभचिंतकों, समर्थकों और सहयोगियों को हार्दिक धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

ज्ञात हो कि इस चुनाव प्रकिया के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर बनाया गया जिसमें कोई भी पंजीकृत सदस्य अपने मतदान का प्रयोग निकनेट (NICnet)की कनेक्टिविटी पर या वीपीएन टोकन के साथ इंटरनेट पर कहीं से भी मतदान कर सकते थे। यह प्रयोग आने वाले कल में चुनाव प्रकिया में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। इसके लिए लैपटॉप, कम्प्यूटर और मोबाइल फोन का प्रयोग किया जा सकता है। विकास कहते हैं कि यह पूरी तरह से सुरक्षित सॉफ्टवेयर भी है, जिसमें वोटिंग शेयर होने का चांस भी नहीं है।

● क्या है एनआईसी

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) ई-शासन सेवाओं और डिजिटल इंडिया के विभिन्न पहलुओं के समर्थन के लिए राष्ट्रव्यापी आईसीटी बुनियादी ढांचा प्रदान करता है। विभिन्न ई-शासन पहलों और डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के डिजाइन, विकास और कार्यान्वयन के लिए, 36 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में एनआईसी राज्य केंद्र तथा 708 जिला केंद्रों के साथ स्वचालित और ई-शासन प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए लगातार विभागों के उपयोगकर्ताओं के साथ जुड़ा हुआ है।

आईसीटी बुनियादी ढांचे के जरिए, एनआईसी जिला केंद्र जिले में विभिन्न विभागों के परामर्श से दिन-प्रतिदिन आईसीटी संचालित तकनीकी सहायता के लिए ई-शासन के तहत विभिन्न परियोजनाओं को अंजाम देने और डिजिटल भारत की पहल से विविध भूमिका निभा रहा है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर उनके मार्गदर्शन के तहत नई आईसीटी पहल संबंधित डिजाइन और विकास जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (डीआईओ) और अपर जिला सूचना अधिकारी (ए-डीआईओ) के तकनीकी सहायता द्वारा की जा रही है।

एनआईसी के समर्थन के साथ जिला प्रशासन पारदर्शी, कुशल और उत्तरदायी प्रशासन को प्राप्त करने में ई-गवर्नेंस और डिजिटल भारत की पहल को कार्यान्वित कर रहा है, आईसीटी के नेतृत्व वाले विकास जैसे- निकनेट और एनकेएन कनेक्टिविटी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, परियोजनाओं का कार्यान्वयन, क्षमता निर्माण, ईमेल और एसएमएस सेवा, सॉफ्टवेयर विकास सहित जिले में आईसीटी कार्यान्वयन, वीवीआईपी घटनाओं के तकनीकी समर्थन और डीआईटीआई कार्यक्रमों, डिजिटल इंडिया, सीएससी, दिशा, ई-शासन सोसाइटी आदि शामिल हैं।

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