तकनीकी विकास के लिए इनोवेशन जरूरी - किरन कार्निक



--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।

☆ आईआईटी बीएचयू के छठवें दीक्षांत समारोह में 47 विद्यार्थियों को मिला 91 गोल्ड मेंडल

तकनीक में आगे बढ़ने के लिए इनोवेशन सबसे ज्यादा जरूरी है। एक इंजीनियर के तौर पर हमारी सोच हमेशा तार्किक होनी चाहिए। यह बात शनिवार को स्वतंत्रता भवन में आयोजित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफार्मेशन टेक्नॉलजी के चेयरमैन पद्मश्री किरन कार्निक और प्रमुखसमाजेवी सोमदेव त्यागी ने कही। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में तकनीकी के साथ-साथ इनोवेशन से ही देश विकास के रास्ते पर अग्रसर होगा। श्री सोमदेव ने विद्यार्थियों को जीवन जीने का गुण भी बताया। उन्होंने कहा कि कभी दूसरों की सफलता या असफलता से अपनी तुलना न करें। खुद को इंसान बनाने के साथ अपनी शर्तों पर जीना सीखें। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि अपनों के साथ शिकायतमुक्त हो कर जीना सीखें। ये सारी चीजें किसी शिक्षण संस्थान में नहीं सिखाई जा सकती हैं। अच्छे इंजीनियर के साथ बेहतर इंसान बनना भी जरूरी है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू आईआईटी के छठवें दीक्षांत समारोह में छात्रा मृणाली मोदी और मनु अग्रवाल ने आठ-आठ गोल्ड मेडल हासिल किए। दीक्षांत समारोह में कुल 47 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। इन 47 विद्यार्थियों ने कुल 91 गोल्ड मेडल अपने नाम किए। दीक्षांत समारोह में मृणाली और मनु के अलावा बीटेक के छात्र रनवीर सिंह, हर्ष कुमार केडिया, वैभव गोयल और आकाश राय को सात-सात गोल्ड मेडल मिले।

समारोह में आईआईटी के 17 विभागों के 1256 स्नातकों को उपाधियां प्रदान की गई। इस दौरान आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो• राजीव संगल ने पूरे वर्ष का ब्यौरा प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत रजिस्ट्रार डा• एस• पी• माथुर ने किया। 

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