केरल, 15 जनवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरल में ‘आध्यात्मिक सर्किट का विकास: श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर-अरनमुला-सबरीमाला’ परियोजना का उद्घाटन किया। यह परियोजना भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत कार्यान्वित की जा रही है। इस अवसर पर केरल के राज्यपाल पी• सदाशिवम, केरल के मुख्यमंत्री पी• विजयन और केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के• जे• अल्फोंस भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
‘आध्यात्मिक सर्किट का विकास: श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर-अरनमुला-सबरीमाला’ परियोजना को पर्यटन मंत्रालय द्वारा 92.22 करोड़ रुपये की लागत के साथ वर्ष 2016-17 में मंजूरी दी गई थी। इस परियोजना के तहत श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर से जुड़े ज्यादातर कार्य पूरे हो चुके हैं।
श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर दरअसल भगवान विष्णु के 108 दिव्यदेशमों में से एक है। इस मंदिर के दर्शन के लिए पूरे साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। हालांकि, मंदिर परिसर में पर्यटकों के आगमन की दृष्टि से इसे एक प्रतिष्ठित गंतव्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया और इसके साथ ही यहां पर्यटकों के लिए पर्याप्त सुविधाओं का भी अभाव रहा है। इस परियोजना के तहत मंत्रालय ने धरोहर से जुड़ी विशेषताओं और सामाजिक-सांस्कृतिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस मंदिर और आसपास के क्षेत्रों का विकास एवं पुनरुद्धार किया है।
स्वदेश दर्शन योजना नियोजित ढंग से एवं प्राथमिकता के साथ देश में विषयगत पर्यटन सर्किटों के विकास के लिए पर्यटन मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही प्रमुख योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत सरकार देश में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास पर फोकस कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य आगन्तुकों को बेहतर अनुभव एवं सुविधाएं सुलभ कराना और आर्थिक विकास की रफ्तार तेज करना है। इस योजना का शुभारंभ वर्ष 2014-15 में किया गया और अब तक मंत्रालय ने 30 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए 6131.88 करोड़ रुपये की लागत वाली 77 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 30 परियोजनाओं/इन परियोजनाओं के प्रमुख घटकों का निर्माण कार्य चालू वित्त वर्ष में ही पूरा हो जाने की आशा है, जिनमें से 834.22 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 परियोजनाओं का उद्घाटन पहले ही हो चुका है। इन दस परियोजनाओं का वास्ता मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से है।
पर्यटन मंत्रालय ने केरल की असीम पर्यटन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत से ‘स्वदेश दर्शन’ और ‘प्रसाद’ योजनाओं के तहत इस राज्य में 7 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
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