नमो के शरण मे नारायण



जितेन्द्र मिश्रा - मुम्बई ।
कांग्रेस छोड़कर नयी महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष बनाने वाले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए ) में शामिल होने की औपचारिक घोषणा की है। शुक्रवार को पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए राणे ने कहा कि राज्य और कोंकण क्षेत्र के विकास के लिए हमने यह फैसला लिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वाभिमान पक्ष स्थापना के बाद मुख्यमंत्री से मिलने के बाद पक्ष को एनडीए में शामिल करने का न्योता उन्हें मिला था जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से दो दिन का समय माँगा था। उन्होंने कहा कि मैं 2019 तक महाराष्ट्र में रहूंगा। राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने के प्रश्न पर राणे ने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और बीजेपी लेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही पार्टी को पंजीकृत कराने के बाद कार्यकारिणी की घोषणा की जायेगी। इसमें कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता और पार्टी के नए कार्यकर्ताओं का समावेश होगा। राणे ने कहा कि शिवसेना से मेरा विरोध नहीं है, उसकी विचारधारा से मुझे परहेज है। मेरी पार्टी का राजनेतिक शत्रु अभी तय होना है। आगामी 2019 की लोकसभा चुनाव लड़ने का संकेत राणे ने दिया है। कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व से लंबे समय तक टकराव के बाद करीब दो सप्ताह पहले राणे ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।

राणे प्रभावशाली मराठा समुदाय से आने वाले कद्दावर नेता हैं। कोंकण क्षेत्र के सिंधुदुर्ग जिले से नाता रखने वाले राणे वर्ष 1999 में शिवसेना पार्टी से मुख्यमंत्री बने थे। उसके बाद वह शिवसेना छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे लेकिन कुछ दिन पहले कांग्रेस छोड़ने के बाद राणे ने कांग्रेस पर यह आरोप लगाया कि 2005 में शिवसेना छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के समय उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का दावा किया गया था जिससे कांग्रेस मुकर गई।

वहीं शिवसेना राजग का हिस्सा है और उसने भाजपा को सलाह दी थी कि राणे को अपने साथ नहीं मिलाए।

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