रांकपा प्रमुख शरद पवार ने सरकार पर बोला हमला



जितेन्द्र मिश्रा - मुम्बई।
बीजेपी सरकार के दौरान राज्य में किसानों की आत्महत्या का ग्राफ बढ़ा है। इसके लिए सरकार की लापरवाही पूरी तरह से जिम्मेदार है। यह बातें राकां प्रमुख शरद पवार ने एक कार्यक्रम के दौरान कही। राकां की तरफ से राज्यव्यापी अधिवक्ता परिषद का आयोजन किया गया था जिसमें राकां लीगल सेल के साथ अन्य वकील मौजूद थे। इस दौरान पवार ने कहा कि लीगल सेल को पार्टी के माध्यम से समाज के विविध वर्गों के विषय में आवाज उठाएं।

किसानों की आत्महत्या पर चिंता व्यक्त करते हुए पवार ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान किसान आत्महत्या करते थे, हम उसकी विवेचना करते थे। टाटा इंस्टीच्यूट सोशल साइंस जैसी संस्थाओं से रिपोर्ट मंगवाया था। हमने 70 हजार करोड़ रूपए की कर्ज माफी की। इसके लिए कोई फ़ार्म नहीं भरवाया गया था। कृषि उपज का उचित मूल्य दिलवाया जिससे आत्महत्या का ग्राफ नीचे आया था। आज फिर किसानों की आत्महत्या का ग्राफ बढ़ रहा है,शयह दुःख की बात है।

आज सरकार ने कर्ज माफी के लिए 20 कॉलम का ऑनलाईन फ़ार्म भरने की सख्ती की है। फ़ार्म में धमकी दी गयी है कि गलत जानकारी देने पर फौजदारी की कार्रवाई की जायेगी। साथ ही छोटी सी गलती होने पर किसानों को कर्ज माफी का लाभ नहीं मिलेगा। इस तरह की शर्तें लाद कर सरकार ने किसानों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या का मुख्य कारण साहूकारी कर्ज है। किसानों को साहूकारी कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिए पहल से कई कानून है लेकिन उसको सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। अवैध साहूकारों के खिलाफ अपराध दाखिल नहीं हो रहे हैं। राकां लीगल सेल किसानों के मुद्दे को सुलझाने का प्रयास करे।

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