आंध्र प्रदेश, 22 जनवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, शिपिंग, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार 21 जनवरी को आंध्र प्रदेश में 39 परियोजनाओं में से कुछ का उद्घाटन किया और कुछ की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं में सेतु भारतम कार्यक्रम के तहत 11 आरओबी का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 1384 किलोमीटर है और इन पर 16878 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
इस अवसर पर श्री गडकरी ने कहा कि मई, 2014 से पहले आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 4193 किलोमीटर थी जो अब बढ़कर 7246 किलोमीटर होगी गई है। इस प्रकार राजमार्गों की लंबाई में 3053 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। आंध्र प्रदेश में राजमार्गों के विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। भारतमाला के तहत 44,000 करोड़ रुपये की लागत से 2520 किलोमीटर सड़कों की योजना बनाई गई है। सेतु भारतम के तहत 25 करोड़ रुपये की लागत से 31 आरओबी की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा मई, 2014 से आंध्र प्रदेश में 1769 की लागत से 1805 किलोमीटर लंबाई के 136 सीआरएफ कार्यों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 570 करोड़ रुपये की लागत के 835 किलोमीटर कुल लंबाई के 56 कार्य पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के लिए 1,64,719 करोड़ रुपये लागत की कुल 108 परियोजनाओं की पहचान की गई थी। अक्टूबर, 2018 तक इनमें से 2242 करोड़ रुपये लागत की 19 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। 2018-20 के दौरान 33,042 करोड़ रुपये लागत की 53 परियोजनाओं को पूरा करने की योजना बनाई गई थी। श्री गडकरी ने कहा कि विजाग बंदरगाह की क्षमता को 2025 तक बढ़ाकर 211 एमएमटीपीए करने की योजना बनाई गई है इसकी वर्तमान क्षमता 152 एमएमटीपीए है। 2536 करोड़ रुपये की लागत से 11 बंदरगाह क्षमता विस्तार परियोजनाओं की भी पहचान की गई है इससे बंदरगाह क्षमता 71 एमएमटीपीए बढ़ जाएगी।
श्री गडकरी ने कहा कि सागरमाला कार्यक्रम के तहत राज्य में 36 सड़क परियोजनाओं की योजना बनाई गई है। इनमें से 35 एनएचएआई/एमओआरटीएच के तहत हैं और एक की योजना बंदरगाह न्यास द्वारा बनाई गई है। 10,000 करोड़ रुपये की लागत से 19 रेलवे परियोजनाओं की भी योजना बनाई गई है। राज्य में सागरमाला कार्यक्रम के तहत 9 औद्योगिक क्लस्टरों का विकास किया जा रहा है। इनमें काकीनाडा-गोदावरी मेगा एक्वा फूड पार्क में बंदरगाह आधारित मेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क शामिल हैं जो 373 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि काकीनाडा में 4520 करोड़ रुपये की लागत से पेट्रोकैमिकल्स क्लस्टर के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। श्री गडकरी ने कहा कि तटीय समुदाय विकास कार्यक्रम के तहत 574 करोड़ रुपये की कुल लागत से विजाग में समुद्रीय एवं जहाज निर्माण के लिए एक उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की जा रही है। विशेष रूप से बंदरगाह और समुद्रीय क्षेत्र में दो तटीय जिलों विशाखापट्टनम और ईस्ट गोदावरी में कौशल अंतर अध्ययन कार्यान्वयन के लिए तैयार किया गया है। बंदरगाह और समुद्रीय क्षेत्र में अगले तीन वर्षों में 1000 व्यक्तियों को प्रतिवर्ष प्रशिक्षण देने की योजना है।
श्री गडकरी ने बताया कि सागरमाला के तहत 1500 करोड़ रुपये मूल्य की पांच मछली पकड़ने की बंदरगाह परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार किया गया है। तटीय बर्थ योजना के तहत 560 करोड़ रुपये लागत की 9 रो-रो और पर्यटन घाट परियोजनाओं को शुरू किया गया है इसके अलावा 200 करोड़ रुपये की लागत की तीन अन्य परियोजनाएं भी शुरू की जा रही हैं। 1078 लंबाई के राष्ट्रीय जलमार्ग-4 के लिए नवंबर 2008 में घोषणा की गई थी। राष्ट्रीय जलमार्ग-4 को अब एनडब्ल्यू अधिनियम 2016 द्वारा संशोधित करके 2890 किलोमीटर कर दिया गया है। इसमें वजीराबाद से गालागली तक (628 किलोमीटर) कृष्णा नदी और भद्राचलम से नासिक तक (1184 किलोमीटर) गोदावरी नदी को शामिल किया गया है। इनमें से कुछ खंडों में विकास कार्य 2017-18 में शुरू हो गया था। इब्राहीमपट्टनम से लिंग्याप्लेम तक रो-रो सेवाएं शुरू होने के लिए तैयार हैं। इस खंड के विकास से इस क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बढ़ावा मिलेगा और राजधानी शहर अमरावती के विकास में भी मदद मिलेगी।
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