☆ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय राजमार्ग परियोजनाओं में नई प्रौद्योगिकियों, सामग्रियों और उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए “वैल्यू इंजीनियरिंग कार्यक्रम” को लागू करेगा
☆ नई तकनीक / सामग्रियों / उपकरणों के उपयोग के संबंध में तकनीकी मुद्दों को हल करने के लिए विशेषज्ञों के राष्ट्रीय पैनल का पुनर्गठन
9 अक्टूबर। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राजमार्ग संबंधित परियोजनाओं, चाहे वह पीपीपी तरीके से या फिर सार्वजनिक वित्तपोषण तरीके से निष्पादित की जा रही हों, में नई प्रौद्योगिकियों, सामग्रियों और उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए “वैल्यू इंजीनियरिंग कार्यक्रम” को लागू करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य परियोजनाओं की लागत कम करने और उन्हें अधिक पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए नई प्रौद्योगिकी, सामग्री और उपकरण का उपयोग करना है, जबकि साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि सड़कों या पुलों और अन्य परिसंपत्तियां भी जो बहुत तेजी से निर्मित की जा रही हैं वह संरचनात्मक रूप से मजबूत और अधिक टिकाऊ हों।
वैल्यू इंजीनियरिंग कार्यक्रम से अपेक्षित है ---
निर्माण की गति में वृद्धिनिर्माण लागत को कम करना परिसंपत्तियों के स्थायित्व में वृद्धि, और सौंदर्यीकरण व सुरक्षा में सुधार
मंत्रालय ने पिछले वर्ष राजमार्ग क्षेत्र में (अ) नया / अभिनव / वैकल्पिक सामग्रियों, (ब) नया / अभिनव / वैकल्पिक प्रौद्योगिकियों और (स) नया / अभिनव / वैकल्पिक उपकरणों की तैनाती से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति देने के लिए विशेषज्ञों के राष्ट्रीय पैनल का गठन किया था। इस पैनल को पिछले सप्ताह दुबारा बनाया गया जिसमें निम्नलिखित सदस्यों (विशेषज्ञों) को शामिल किया गया :
● एस• आर• तांबे, पूर्व सचिव पीडब्ल्यूडी, महाराष्ट्र (अध्यक्ष)
● प्रो• रवि सिन्हा, आईआईटी मुंबई (सह-अध्यक्ष)
● प्रो• ए• वीराराघवन, आईआईटी चेन्नई (सदस्य)
● डा• सुनील बोस, उप निदेशक सीआरआरआई (सदस्य)
● प्रो• के• एस• रेड्डी, आईआईटी खड्गपुर (सदस्य)
● एस• के• धर्माधिकारी (सदस्य)
● डा• प्रकाश डब्ल्यू• कासखेदिकार (सदस्य)
● मुख्य अभियंता - एस एंड आर (पुल) पुल कार्यों के सदस्य सचिव
● मुख्य अभियंता - एस एंड आर (सड़क) सड़क कार्यों के सदस्य सचिव
विशेषज्ञों के राष्ट्रीय पैनल (एनपीई) सभी तकनीकी मामलों जो संबंधित प्रौद्योगिकियों, सामग्री और उपकरणों से संबंधित हैं तथा जो संबंधित अभियंता या रियायतें / ठेकेदारों द्वारा निर्दिष्ट हैं, की जांच करेगी। विशेषज्ञों के राष्ट्रीय पैनल (एनपीई) उन तकनीकी मुद्दों जो नए और अभिनव प्रौद्योगिकियों, सामग्रियों और उपकरणों के कार्यान्वयन के संबंध में इंजीनियरों और रियायतें/ ठेकेदारों के बीच अंतर के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती हैं, को भी हल करेगी। इसके साथ, यह पहले किसी नए या अभिनव प्रौद्योगिकी / सामग्रियों / उपकरणों के क्षेत्र परीक्षणों की आवश्यकता के बारे में भी तय करेगा और संबंधित डिजाइन दृष्टिकोण, निर्माण के तरीके / अनुक्रमों के साथ-साथ प्रासंगिक विनिर्देशों / कोड / दिशानिर्देशों को अंतिम रूप भी दे देगा ताकि ठेकेदारों का सही तरीके से उपयोग हो सके।
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