---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 17 फरवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो साल के दौरान करीब 400 करोड़ रुपए की स्वास्थ्य सेवा प्रदान की गई है। स्वास्थ्य साथी परियोजना में और लोगों को जोड़ने की परियोजना पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सत्ता में आने के बाद कई लोक लुभावन योजनाएं चालू की थी, यह योजना भी उसमें ही शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 30 दिसंबर 2016 को चालू हुई परियोजना में प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपए तक की मुफ्त चिकित्सा सेवा प्रदान की जाती है। अभी तक चार लाख 15 हजार लोग कैशलेस परियोजना का फायदा ले चुके हैं। कुल मिलाकर परियोजना में 397 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि राज्य के एक करोड़ 40 लाख परिवारों को स्वास्थ्य साथी परियोजना में शामिल करने के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया चालू कर दी गई है। फिलहाल 55 लाख परिवार इस परियोजना में शामिल हैं। इस परियोजना में और 85 लाख परिवारों को शामिल किया जाएगा। इस कार्ड को पाने के योग्य परिवारों को राज्य सरकार की ओर से पत्र भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से किसी तरह की आर्थिक मदद लिए बगैर परियोजना के लिए होने वाली सारी रकम राज्य सरकार की खर्च कर रही है। माना जा रहा है कि परियोजना के मुताबिक सारे लोगों को स्वास्थ्य साथी में शामिल किए जाने पर सुविधा हासिल करने वालों की संख्या बढ़कर करीब साढ़े छह करोड़ हो जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार को अतिरिक्त 850 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत परियोजना में शामिल होने से इंकार करते हुए राज्य सरकार ने बताया कि केंद्र की मदद के बगैर राज्य के लोगों तक मुफ्त में चिकित्सा सेवा पहुंचाने के लिए ममता बनर्जी ने यह काम बहुत पहले से शुरू किया था।
सूत्रों ने बताया कि किसी परिवार में एक व्यक्ति का परिवार में पांच व्यक्ति हों तो उन्हें कुल मिलाकर पांच लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। उपभोक्ताओं का हर साल आटोमैटिक पद्धति से रिन्यूअल होगा। स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सुविधा का फायदा हासिल किया जा सकता है। एसडीओ, बीडीओ, नगरपालिका के माध्यम से व्यक्ति की शिनाख्त की जाती है। बीपीएल के अलावा भी जिन लोगों के पास आमदनी का कोई साधन नहीं है। परिवार की आमदनी कम है, अपना मकान ठीक से नहीं है ऐसे लोगों को परियोजना में शामिल किया जाता है। सामान्य बीमारी के अलावा भी कैंसर, न्यूरो सर्जरी, आर्थोपैडिक, दिल की बीमारी समेत दूसरी कई जटिल बीमारियों का इलाज इसमें करवाया जा सकता है। विभिन्न पैकेज की सुविधा भी मौजूद है। ग्रेड ए, बी और सी मिलाकर अभी तक करीब 1300 से ज्यादा अस्पतालों और नर्सिंग होम में परियोजना में पंजीकृत लोगों का इलाज हो रहा है। स्वयंसेवी संस्थाएं, आशा, आइसीडीएस कर्मचारी, सिविक वालंटियर स्वास्थ्य साथी परियोजना की सुविधाएं हासिल कर रहे हैं।
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