राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन - 'वाजा इण्डिया' की महाराष्ट्र इकाई का भव्य सम्मान समारोह



☆ शिवेंद्र प्रकाश द्विवेदी, अनिल थत्ते, बाबा जी राणे, शत्रुघ्न प्रसाद, एड विजय सिंह, राजेश विक्रांत, अनघा राणे, अलका सिगतिया, सेबेस्टियन वर्गीज और अमोल राणे ने कलमकारों को किया सम्मानित

☆ पत्रकारिता साहित्य साधना की पहली सीढ़ी - द्विवेदी 

☆ देश के सोलह राज्यों में फैल चुका है 'वाजा इंडिया' - विक्रांत 

मुंबई। पूरे देश के लेखकों व पत्रकारों के अप्रतिम साझा मंच के रूप में विख्यात संगठन राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन - 'वाजा इण्डिया' की महाराष्ट्र इकाई का साहित्यकार सम्मान समारोह और काव्य सन्ध्या रविवार 8 अक्टूबर की शाम गोरेगांव पश्चिम स्थित केशव गोरे हाल में प्रदेशाध्यक्ष अभिजीत राणे (समूह संपादक "वृत्त मित्र" और "मुंबई मित्र", मराठी हिंदी दैनिक) के नेतृत्व में बड़े धूमधाम से सम्पन्न हुआ। जिसमें वाजा इण्डिया के संस्थापक महासचिव शिवेंद्र प्रकाश द्विवेदी (प्रधान संपादक "नई पीढ़ी"राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिका व समाचार पत्र, नई दिल्ली व लखनऊ से प्रकाशित), "संयुक्त व्यापार"देश की सबसे बड़ी हिन्दी बिजनेस पत्रिका तथा प्लास्टिक उद्योग पर देश की सबसे बड़ी अंग्रेजी पत्रिका प्लास्टिक टुडे), वरिष्ठ पत्रकार महागुरु अनिल थत्ते, विख्यात साहित्यकार बाबा जी राणे, दैनिक मुंबई मित्र की संपादक सुश्री अनघा अशोक राणे, साक्षी दर्शन के संपादक शत्रुघ्न प्रसाद, वाजा इण्डिया की महिला विंग वाजाल की मुंबई अध्यक्षा सुप्रसिद्ध साहित्यकार अलका अग्रवाल सिगतिया, हम लोग के अध्यक्ष एड विजय सिंह, वाजा मुंबई अध्यक्ष कमलेश वैष्णव तथा वाजा के गुजरात के कार्यवाहक अध्यक्ष सेबेस्टियन वर्गीज वाजा इंडिया गौरव सम्मान से कवियों, साहित्यकारों, पत्रकारों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, श्री गणेश व सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा कवि सुरेश चन्द्र पांडेय द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार से हुई।

अतिथियों का स्वागत बी• एल• रंगा, गोपी कृष्ण बुबना, रास बिहारी पांडेय, एनडीटीवी के एसोसिएट एडिटर सुनील सिंह, भारत भारती के संपादक संजय अमान तथा पत्रकार विकास संघ के अध्यक्ष आनन्द मिश्र ने किया।

वाजा इण्डिया के महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष अभिजीत राणे ने बताया कि हमारी संस्था लेखकों तथा पत्रकारों के बहुआयामी विकास के लिए समर्पित हैं। हमनें अगस्त से अपने हिंदी दैनिक में साहित्य को एक पूरा पेज समर्पित कर रहे हैं।

वरिष्ठ पत्रकार महागुरु अनिल थत्ते ने अपने काव्यमय उद्बोधन में कहा कि 'सुनो अभिजीत जी सुनो' जैसे व्यंग्य चित्र की रेखाएं/ करें हंसते हंसाते प्रहार। वैसे कविता के शब्द शब्द में/ कभी मिले ढाल, कभी तलवार।। हम आए हैं यहाँ, केवल आपकी खातिर/आपकी अच्छाई तो है जग जाहिर। इस सम्मान समारोह-काव्य सन्ध्या के आप ही हैं 'सुपर स्टार'। आप तो निकले थे अकेले, देखो कारवाँ हुआ तैयार।

वाजा इण्डिया के संस्थापक महासचिव शिवेंद्र प्रकाश द्विवेदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि लेखन व पत्रकारिता के बीच अविच्छिन्न सम्बन्ध है। देश की चोटी के लेखक व कवि पहले पत्रकार हुये हैं और उनके साहित्यकार होने की पहचान बहुत बाद में हुई है। वस्तुतः पत्रकारिता साहित्य साधना की पहली सीढ़ी है, इससे सम्बन्ध छोड़ना अपनी आधार भूमि भूलना होगा। आजादी के समय समाचार पत्रों को दैनिक साहित्य की संज्ञा दी जाती थी, आजादी के बाद जब सुनियोजित षड्यंत्र के तहत लेखन व पत्रकारिता जगत के बीच स्थापित पूर्व सामंजस्य को समाप्त किया जाने लगा तो सस्ती लोकप्रियता व अन्धी व्यवसायिकता ने पत्रकारिता की गरिमा को नीचे गिराना शुरू कर दिया। इन्ही विसंगतियों को देखते हुये हिन्दुस्तान में पसरते जा रहे कुहासों के खिलाफ देश के लेखकों पत्रकारों के प्रथम साझा मंच "राइटर्स एण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन" का गठन किया गया है जो आज देश के चौदह प्रान्तों में सक्रिय है। आज महाराष्ट्र इकाई का यह भव्य कार्यक्रम अभिजीत राणे की कुशल संगठन क्षमता का नतीजा है।

कार्यक्रम में साहित्य गौरव सम्मान डा• उमाकांत बाजपेयी कथाकार और आशीर्वाद संस्था के डायरेक्टर, डा• अनन्त श्रीमाली जाने माने मंच संचालक व व्यंग्यकार, सुश्री लक्ष्मी यादव कवयित्री व प्रख्यात लेखिका तथा सुश्री संगीता बाजपेयी कथाकार को प्रदान किया गया। सृजन गौरव सम्मान से डा• एम• एल• गुप्ता 'आदित्य' कवि व अध्यक्ष, वैश्विक हिंदी सम्मेलन, सुश्री नूतन आलोक पांडेय, शिक्षाविद, सीए पंकज जायसवाल, आर्थिक विशेषज्ञ तथा प्रो• सन्तोष तिवारी, लेखक शिक्षक  सम्मानित किए गए।

कविताओं की खूबसूरत समाँ का आगाज प्रज्ञा तिवारी प्रज्ञा की सरस्वती वंदना 'स्वर में अमृत भरे कर में वीणा लिये। माँ चली आइये एक क्षण के लिये। दूर कर दो हर एक मन से अज्ञान को। भर दो भर दो मेरे मन में माँ ज्ञान को। स्वर है अर्पण तेरी वन्दना के लिये। मन हैं अर्पण तेरी अर्चना के  लिये।' से हुआ जिसमें खन्ना मुजफ्फरपुरी, गीतकार हरिश्चंद्र, डा• लक्ष्मण शर्मा 'वाहिद' शायर, डा• बनमाली चतुर्वेदी, व्यंग्यकार महेश दुबे, शहनाज रिजवान, आरती सैया 'हिरांशी', लोकनाथ तिवारी 'अनगढ़', कवि आलोक श्रीवास्तव, रवि यादव, श्रुति भट्टाचार्य, भारत वाजानी, दीपिका बेलवाल तथा रेशमा शेख ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में पत्रकारिता गौरव सम्मान सैयद सलमान, जाने माने पत्रकार व संकाय सदस्य, हिंदी पत्रकारिता, गरवारे करियर विकास संस्थान, मुंबई विश्वविद्यालय, सरताज मेहदी कार्यकारी संपादक, विकलांग की पुकार तथा धर्मेंद्र पांडेय, पत्रकार, हिंदी विवेक को दिया गया तथा अरविन्द राही कवि, गीतकार व अध्यक्ष श्रुति संवाद साहित्य कला अकादमी, सुश्री प्रज्ञा तिवारी 'प्रज्ञा' प्रख्यात कवयित्री, गीतकार, कहानीकार, गिरिधर बलोधी, कवि, पत्रकार, एन• एल• पी• ट्रेनर, हेमलता त्रिपाठी लेखिका, पत्रकार व कवयित्री, ममता यादव, कवयित्री तथा शिवपूजन पांडेय कवि, पत्रकार को साहित्य गौरव से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुश्री लक्ष्मी यादव की प्रथम कृति ये आसमां मेरा (हम लोग द्वारा प्रकाशित विविध प्रकार की रचनाओं का संग्रह) का विमोचन माननीय अतिथियों द्वारा किया गया। एड विजय सिंह ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संचालन करते हुये वाजा इण्डिया के संस्थापक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार व्यंग्यकार राजेश विक्रांत ने कहा कि आज "वाजा इंडिया" की पहुँच देश के 16 राज्यों में हो चुकी है और हमारा यह कारवाँ लगातार आगे बढ़ रहा है।

उपस्थित अतिथियों का आभार प्रदर्शन अभिजीत राणे ने किया। इस अवसर पर कवि गणेश प्रसाद श्रीवास्तव विह्वल, अखिलेश पाण्डेय, रुस्तम घायल, जाकिर हुसैन 'रहबर', रमेश श्रीवास्तव, अनिल त्रिपाठी 'कड़क', जवाहर लाल निर्झर, श्याम अचल 'प्रियात्मीय', महेश गुप्ता 'जौनपुरी', जय प्रकाश सोनकर, श्रीनाथ शर्मा, कवयित्री हेमा चंदानी, अलका जैन 'शरर', नजमा मोभ, ज्योति गजभिये, शिप्रा वर्मा, अंशु जैन 'आंसू', एस• पी• सहारन पुरी, मिलन फाउंडेशन के अध्यक्ष अफजल खान, झुल्लुर यादव, फैजुल शेख, छायाकार अर्जुन कांबले, गायक कमलेश उपाध्याय, योग ट्रेनर रत्न कुमार, अभिनेता पत्रकार जय सिंह, नितिन खेतले, प्रकाश पवार, अर्जुन महाडलकर, गणेश कांबले, माया बाजपेयी, आरती सावंत, विजय धुलप, अनन्या यादव, राम सिंहासन वर्मा, रणजीत यादव, नूर हसन, करुणा अग्रवाल, सुभाष तिवारी, पत्रकार फरीद शेख, चंद्रकांत जोशी, निखिल हरपुड़े' गुरु', अंकित मिश्र, आचार्य सूरजपाल यादव, उपेंद्र पंडित, राम मिलन वर्मा, गजलकार रिजवान नाथापुरी आदि महानुभावों समेत सैकड़ों विभूतियां उपस्थित रहीं।

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