वाराणसी, 26 मार्च 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● सर सुन्दरलाल अस्पताल में न्यूरोलाजी विभाग की ओपीडी में विश्व मिर्गी दिवस की धूम, सम्मानित हुये मरीज
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान के न्यूरोलॉजी विभाग में मंगलवार को ओपीडी में विश्व मिर्गी जनजागरण दिवस को बैगनी दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मरीजों के मसीहा के रुप में चर्चित सर सुन्दरलाल अस्पताल के निवर्तमान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो• विजयनाथ मिश्र ने मिर्गी रोग के मरीजों को समय से खाना खाने, समय से सोने और खुश रहने की सलाह दी। यह भी कहा कि मिर्गी को वंशानुगत मानकर इलाज न कराना मूर्खता है, ऐसा नहीं कि मिर्गी लाइलाज है, इसका इलाज संभव है और कई नामचीन चेहरे इलाज कर साधारण जीवन यापन कर रहे है।
विशेष रुप से महिलाओं और लड़कियों को होने वाले मिर्गी के बाद फैली भ्रांतियों को तोड़ते हुए उन्होंने कहा कि शादी के बाद भी साधारण जीवन कोई भी महिला और लड़की यापन कर सकती है बशर्ते वह दवा का सेवन सही समय पर करे। मिर्गी मरीजों को गर्भावस्था में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होती है और होने वाले बच्चे को इस समस्या से बचाया जा सकता है।
गाजीपुर जनपद के मोहम्मदाबाद निवासी मिर्गी मरीज लड़की मुन्नी (परिवर्तित नाम) ने जब अपने शादी का कार्ड अपने चिकित्सक प्रो• विजयनाथ मिश्र को दिया तो ख़ुशी का ठिकाना न रहा। उन्होंने कहा कि यह हमारे मिशन 'न्यूरोलॉजिस्ट बने अगुआ, तभी मनेगा फगुआ' को साकार करने की दिशा में एक कदम और है।
उन्होंने मरीजों से अपील किया कि कभी भी ससुराल पक्ष से इस बीमारी को लेकर न छुपाए। मिर्गी आने पर न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें और इलाज कराए। इस दौरान मरीजों को प्रो• मिश्र ने बैगनी दुपट्टा भेंट कर मिर्गी से लड़ने का संकल्प दिलवाया। इस अवसर पर डाॅ• प्रेरणा, डॉ• रूपेश के साथ मरीज व न्यूरोलॉजी विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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