ममता के आंकड़ों के मुताबिक मोदी की वापसी संभव नहीं !



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 29 मार्च 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में एक आंकड़ा पेश करके बताया था कि किसी भी हालत में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 30 से ज्यादा दलों की एनडीए की सरकार की वापसी संभव नहीं है। इस बारे में व्यापक चर्चा चल रही है। कई लोगों का कहना है कि आंकड़ों से तो नहीं दिखता कि मोदी सरकार वापस आएगी, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि जरुरी नहीं कि आंकड़े वास्तव में सही हों।

मालूम हो कि ममता ने वाट्सएप पर मिले एक संदेश को पत्रकारों को पढ़कर सुनाया था जिसमें बताया गया था कि मोदी किसी भी हालत में सत्ता में नहीं लौटेंगे। इस बारे में उन्होंने पढ़कर बताया कि तामिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, बंगाल और पांडीचेरी में कुल मिलाकर 193 सीटें हैं। इसमें एआइएडीएमके को छोड़कर कहीं भी भाजपा का गठबंधन नहीं है और मोदी को मुश्किल से इन 8 राज्यों से 5 से लेकर 10 सीटें ही मिल सकती हैं।

इसके बाद उत्तर प्रदेश में 80 सीटें हैं, यहां 2014 में भाजपा को 71 सीटों पर जीत मिली थी। लेकिन सपा, बसपा और आरएलडी में गठबंधन के कारण मोदी को 20 से 25 सीटें ही मिलेगीं और अगर कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा बन जाए तो भाजपा का उत्तर प्रदेश में खाता भी नहीं खुलेगा। ममता के मुताबिक राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की 65 सीटों में 2014 में भाजपा को 60 सीटें मिली थी लेकिन इस बार किसी भी हालत में 30 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी। 11 राज्यों की 338 सीटों के साथ ही एक केंद्रीय शासित प्रदेश में मोदी को 65 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी। सत्ता हासिल करने के लिए 272 सीटें चाहिए। इस तरह बाकी बची 207 सीटों में भाजपा को 205 सीटों पर जीत चाहिए। क्या यह कोई चुटकुला है कि वे इतनी सीटें जीत जाएगे? ममता के मुताबिक 205 सीटों में बहुत अच्छा रहा तो मोदी को 135 सीटें और अगर खराब रहा हो 70 सीटों तक सिमटना रह सकता है।

लोकसभा चुनाव के पहले इस आंकड़े को लेकर राजनीतिक तौर पर चर्चा गर्म है कि आखिर वास्तव में क्या हो सकता है और कैसे?

● तृणमूल कांग्रेस की वेबसाइट पर जुमला मीटर

तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी सदैव सुर्खियों में रहती हैं क्योंकि देश के दूसरे नेताओं से कई मामलों में पूरी तरह से अलग हैं। इसी तरह, तृणमूल कांग्रेस की वेबसाइट भी अनोखी है। लगभग सभी राजनीतिक दल अपनी वेबसाइट पर अपने दल का प्रचार करते हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की वेबसाइट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को चेक करने के लिए जुमला मीटर लगाया गया है। इसमें लिखा है कि पीएम ने कहा था कि बलात्कार के मामले में तीन दिन, सात दिन, 11 दिन और एक महीने में अभियुक्तों को फांसी की सजा मिल जाती है। जुमला मीटर बताता है कि बलात्कार के मामले में 2004 के बाद किसी भी अभियुक्त को फांसी देने का कोई मामला सामने नहीं आया है।

इसी तरह प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार विरोधी नीति के कारण कोयले की खानों में मिलने वाला राजस्व बढ़ गया है। लेकिन जुमला मीटर इसे गलत बताता है। उत्तर प्रदेश की एक जनसभा में मोदी ने कहा था कि सपा के राज में दीवाली के मुकाबले ईद पर ज्यादा बिजली की आपूर्ति की गई थी, लेकिन जुमला मीटर में इसे गलत बताते हुए कहा गया है कि दीवाली पर प्रतिदिन 15,400 मेगावाट और ईद पर 13,500 मेगावाट बिजलीकी आपूर्ति की गई।

● बंगाल में कभी भी नहीं देंगे एनआरसी की मंजूरी - तृणमूल

तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ओर से सत्ता में आने के बाद बंगाल में एनआरसी लागू करने के दावे को नकारते हुए कहा है कि राज्य में ऐसा करने की मंजूरी कभी भी नहीं दी जाएगी। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि हम लोग बंगाल में किसी तरह की एनआरसी को लागू करने की मंजूरी प्रदान नहीं करेंगे। वे लोग धर्म और संप्रदाय के नाम पर लोगों को बांटना चाहते हैं। लेकिन हमलोग ऐसा कभी भी होने नहीं देंगे।

भाजपा अध्यक्ष की ओर से अलीपुरदुआर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा गया था कि हम लोग बंगाल में भी एनआरसी लाएंगे और घुसपैठियों को निकाल फेंकेगे। हम लोग यह भी पक्का करेंगे कि हिंदू शरणार्थियों को किसी तरह से छुआ नहीं जाए। वे लोग हमारे देश का हिस्सा हैं। मालूम हो कि असम में वहां रहने वाले सभी नागरिकों के नाम सूचीबद्ध करने के लिए एनआरसी लागू किया गया है। हालांकि इस मुद्दे को लेकर विवाद चल रहा है क्योंकि लाखों लोगों का नाम पिछले साल जारी सूची में शामिल नहीं किया गया था।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव ने शाह को ललकारते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में राज्य की एक भी सीट पर जीत हासिल करके दिखाएं। हम लोग चैलेंज करते हैं कि भाजपा बंगाल में एक भी सीट जीतकर दिखाए। मैं आप लोगों को आश्वस्त करता हूं कि न तो भाजपा को बंगाल में एक भी सीट पर जीत मिलेगी और न वे लोग दोबारा जीत कर केंद्र की सत्ता में वापस लौटेंगे। बंगाल और देश की जनता ने मोदी को सत्ता से बेदखल करने का मूड बना लिया है।

उन्होंने भाजपा पर व्यंग कसते हुए कहा कि उम्मीदवार की तलाश में वे लोग सभी लोगों के दरवाजे पर गए कि हमारे दल से टिकट लेकर चुनाव लड़ें। जिन लोगों के पास चुनाव लड़ने के लिए ढंग के उम्मीदवार ही नहीं हैं, वे लोग बंगाल में सत्ता हासिल करने का सपना देखते हैं।

● शिव सेना बंगाल में 15 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

एनडीए की सहयोगी शिव सेना ने पश्चिम बंगाल की 15 लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ने का एलान किया है। दल का कहना है कि सिर्फ हिंदू उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाएगा। राज्य की 15 सीटों पर शिव सेना के चुनाव लड़ने से माना जा रहा है कि भाजपा के वोट बैंक में दरार आएगी और इसका फायदा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को मिलेगा। दल के बंगाल के महासचिव अशोक सरकार ने एलान किया कि कलकत्ता दक्षिण, दमदम, बशीरहाट, बारासात, बैरकपुर, यादवपुर, मेदिनीपुर, कंटाई, बोलपुर, बीरभूम, बांकुड़ा, विष्णुपुर, पुरूलिया, मुर्शिदाबाद, और मालदा उत्तर समेत 15 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने 11 उम्मीदवारों के नाम का पहले ही एलान कर दिया है और चार उम्मीदवारों के नाम का एलान किया जाएगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष से मतभेदके बाद दल से निकाले गए सरकार ने सेना के चुनाव लड़ने के फैसले को एतिहासिक करार दिया है।

मालूम हो कि 2016 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था और सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी। उन्हें कुल मिलाकर सभी सीटों पर 49,128 (0.09 फीसद) वोट मिले थे। हालांकि उद्धव ठाकरे के सामने आने के बाद माना जा रहा है कि दल में लोगों की रुचि बढ़ी है। इस फैसले को भाजपा के लिए धक्का और तृणमूल कांग्रेस के लिए वरदान माना जा रहा है क्योंकि ममता ने 42 में 42 सीटें जीतने के लक्ष्य को लेकर चुनाव प्रचार का आगाज किया है।

हालांकि सरकार ने कहा कि यह सच नहीं है कि ममता से हमारा कोई तालमेल है। बंगाल में भाजपा तृणमूल से मुकाबला करने में सक्षम नहीं है। इसलिए हमें मैदान में उतरना पड़ा है। भाजपा तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए और नाकाम लोगों को मजमा बन चुकी है। दरअसल वे सत्ताधारी पार्टी की भुजा का काम कर रहे हैं। हमारे सभी उम्मीदवार हिंदू होंगे, भाजपा हिंदुओं के समर्थक होने का ढोल तो पीटती है लेकिन अपना रास्ता भूल चुकी है। हम लोग बंगाल में हिंदुत्व की रक्षा करेंगे।

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