--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।
☆ तुलसीघाट की नागनथैया लीला 23 अक्टूबर को
वाराणसी : श्रीरामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने कलिमलग्रसित जीवों के उपकार के खालिए "श्रीकृष्णगीतावली" ग्रंथ की रचना कर घोर कलिकाल में भी समाज को भक्तिसुधा से अप्लावित कर भगवान के चरित्र को मूर्तरूप देने के लिए "श्रीकृष्णलीला" का प्रादुर्भाव हुआ। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लगभग 450 वर्ष पूर्व स्थापित और अखाडा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा संचालित तुलसीघाट की 22 दिवसीय श्रीकृष्णलीला का मुकुट पूजन शुक्रवार को संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच किया।
तुलसीघाट की श्रीकृष्णलीला के विभिन्न प्रसंगों के क्रम में लक्खा मेले में शुमार तुलसीघाट की नागनथैयालीला 23 अक्टूबर को आयोजित होगा। इसके पूर्व वैदिक ब्राह्मणों द्वारा वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच मुकुट पूजन, पात्रों का पूजन विधिविधान से किया गया।
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