पूर्वोत्तर क्षेत्र “स्टार्ट अप” की नयी मंजिल के रूप में उभर रहा



16 अक्टूबर। केन्द्रीय पूर्वोत्तगर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यन मंत्री डा• जितेन्द्रर सिंह ने कहा है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र पूरे देश के युवाओं के लिए स्टार्ट अप की नयी मंजिल के रूप में भी तेजी से उभर कर सामने आ रहा है।

डा• जितेंद्र सिंह ने कल “पूर्वोत्तर में बदलाव” पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि गत दो वर्षो में संपर्क और परिवहन सुविधाओं में सुधार और प्रशासनिक स्तर पर ध्यान केंद्रित करने के कारण अधिक से अधिक युवा पूर्वोत्तर राज्यों में उद्यमशीलता के लिए जोखिम उठा रहे हैं और क्षेत्र की क्षमताओं का लाभ उठा रहे हैं। श्री सिंह ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अरूणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त भंडारण और परिवहन सुविधा न होने के कारण 40 प्रतिशत फल नष्ट हो जाते हैं जबकि इनका इस्तेमाल किफायती दरों पर ताजा और शुद्ध फलों का रस बनाने के लिए किया जा सकता है।

डा• जितेंद्र सिंह ने युवाओ के साथ लगभग 1 घंटे के इस विचार विमर्श के दौरान स्टार्ट अप का ध्यान पर्यटकों को व्यस्त समय के दौरान रूकने की समस्या और दिलाते हुए कहा कि उस दौरान सामान्य होटल भी महानगरो के 5 सितारा होटल के समान किराया वसूलते हैं। हालांकि गत दो से तीन वर्ष के दौरान “घर से पर्यटन” में बढ़ोत्तरी हुई है। कई युवा इस माध्यम से लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिक्किम के पकयोंग, अरूणाचल प्रदेश के इटानगर और मेघालय के शिलांग में नए हवाई अड्डों के साथ बड़ी रेलवे लाइन की समयबद्ध योजना से व्यापार में सुविधा मिलेगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र में औषधि और स्वास्थ्य क्षेत्र भी उद्यमियो को नए अवसर प्रदान कर सकता है। वर्षों तक रोगियो को क्षेत्र से बाहर कोलकाता या वेल्लोर भेजने का दौर रहा है लेकिन निजी कार्पोरेट क्षेत्र को मिले प्रोत्साहन से क्षेत्र में नए अस्पताल खुले हैं और युवा उद्यमी अवसरों का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने इस संदर्भ में पूर्वोत्तएर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा कुछ प्रमुख कार्पोरेट के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहन देने संबंधी कार्यक्रमो के बारे में जानकारी दी।

पूर्वोत्तर राज्यो में परंपरागत रूप से महिलाए अधिक सशक्त और रोजगार स्तर पर अधिक सक्रिय रही हैं। डा• सिंह ने स्वंय सहायता समूहो को “घर में उद्यमिता” के लिए प्रोत्साहन हेतु कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि इस संबंध मे युवा उद्यमी आगे आए हैं और उन्होंने हथकरघा और वस्त्र क्षेत्र में काम करने का निर्णय लिया है। वस्त्र मंत्रालय ने पूर्वोत्तर राज्यों के विशेष योजनाओ की शुरूआत की है। श्री सिंह ने युवाओं से सरकार की पूर्वोत्तर औद्योगिक विकास नीति और अधिक बजट सहयोग का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने का आव्हान किया। सम्मेलन को संसद सदस्य विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी संबोधित किया।

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