--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।
☆ राष्ट्र संत मोरारी बापू ने संकटमोचन, तुलसीपीठ का किया दर्शन-पूजन, लिया महंतजी से आशीर्वाद
काशी में महाश्मशान के सामने "मानस - मसान" कथा सुनाने आये उत्तरप्रदेश सरकार के राज्य अतिथि राष्ट्र संत मोरारी बापू ने रविवार को तुलसीघाट पहुँचकर गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित बाल हनुमान जी का दर्शन के बाद तुलसी मंदिर में तुलसीपीठ का दर्शन - पूजन किया। तत्पश्चात उन्होंने संकटमोचन मंदिर के महंत एवं अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के अध्यक्ष प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र से भेंटकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर महंत जी ने बापू को संकटमोचन का प्रसाद, अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा प्रकाशित तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस का गुटका एवं महंतजी के अनुज बीएचयू के न्यूरोलाजिस्ट प्रो• विजयनाथ मिश्र ने अपने द्वारा लिखित "चित्रों में रामायण" पुस्तक भेंट किया।
संकटमोचन मंदिर के महंत से भेंट के बाद अनौपचारिक वार्ता में मोरारी बापू ने कहा कि काशी की तुलसीघाट गोस्वामी तुलसीदास की तपोस्थली है। यहां गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीराचरितमानस की चार कांड की रचना के बाद श्रीहनुमान चालीसा की भी रचना की। इस महान तपोस्थली का दर्शन कर आज मैं अभिभूत हूं।
इस अवसर पर लक्खा मेले में शुमार सोमवार 23 अक्टूबर को तुलसीघाट पर आयोजित गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित तुलसीघाट की विश्व प्रसिद्ध श्रीकृष्णलीला के प्रसंग "नागनथैया" की लीला देखने के लिए अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास की ओर से आमंत्रण भी दिया गया। इसके पूर्व राष्ट्र संत डोमरी स्थित सतुआ बाबा गोशाला कथा स्थल से जलमार्ग से रविदासघाट पहुँचे, वहां से जिला पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा में संकटमोचन मंदिर में दर्शन- पूजन के बाद तुलसीघाट पहुँचकर महंत प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र से भेंटकर आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर सतुआ बाबा आश्रम के महंत महामंडलेश्वर संतोषदास, किशन जालान, मदनलाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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