जितेन्द्र मिश्रा- मुम्बई ।
राज्य सरकार द्वारा किसानो को दीपावली से ठीक पहले दी गई कर्जमाफी की रकम अब तक उनके बैंक खाते में नहीं पहुची है। बड़े धूम धड़ाके से कर्जमाफी की की गई शुरुवात पहले ही चरण में असफल साबित हुई है। सूत्रों की माने तो सरकार ने इस मामले में बैंको को कर्जमाफी की रकम किसानो के खाते में भेजने का सख्त निर्देश दिया था लेकिन लगातार चल रही छुट्टी के चलते बैंक ने किसानो के कर्जमाफी की रकम उनके खाते में जमा नहीं किया। सहकार विभाग के अधिकारीयों की माने तो बैंक अधिकारीयों की लापरवाही के चलते ऐसा हुआ है।
बतादें 18 अक्टूबर को राज्य के मुख्यमंत्री सहित प्रत्येक जिले के पालक मंत्री ने अपने अपने क्षेत्र में कर्जदार किसानो को कर्जमाफी के तहत प्रमाण पत्र देकर कर्जमुक्त किया था। यह प्रमाणपत्र उन्ही किसानो को दिया जाना था जिसके बैंक खाते में कर्जमाफी की रकम ट्रांसफर हो चुकी हो। अथवा जिस दिन उन्हें कर्जमाफी का प्रमाण पत्र दिया उसी दिन उनके खाते में कर्जमाफी की रकम पहुच जाना चाहिए था। किसानो को कर्जमाफी का प्रमाण पत्र तो मिल गया लेकिन उसके 5 दिन तक भी उनके खाते में कर्माफी की रकम नहीं पहुच पाई जिसे लेकर किसानो ने भी सरकार पर निशाना साधा है। सकते में आई सरकार ने जब अधिकारीयों पर जोर डाला तब पता चला कि बैंक के अधिकारीयों ने किसानो के कहते में कर्जमाफी की रकम को ट्रांसफर ही नहीं किया है।
बतादें 18अक्टूबर को राज्य में कुल कर्जमाफी के तहत 925 किसानो को कर्जमाफी का प्रमाण पत्र दिया गया था जिसमे से एक गलत था। बाकि के किसानो के खाते, आधार कार्ड आदि की पूरी जानकारी बैंक को दी गई थी। सरकार ने कर्जमाफी के लिए आनलाइन आवेदन मंगवाया था जिसमे एक करोड़ से अधिक किसानो ने पंजीकरण किया था। 70 लाख किसानो ने पूरा आवेदन किया था। पहले चरण में 8.5 लाख किसानो को कर्जमाफी दी गई थी और 925 किसानो को प्रमाण पत्र बाटे गए थे। इन किसानो के खाते में कर्जमाफी की रकम भेजी जानी थी और सोमवार से कर्जमाफी की दूसरी खेप की शुरुवात होनी थी लेकिन पहली खेप में ही मामला बिओगद गया है।
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