गोवा,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
विशेषकर यह त्योहार पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है। वहीं इस त्योहार का आयोजन देश के अधिकांश राज्यों में भी होता है। पारिवारिक सुख-समृध्दि और मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए यह पर्व मनाया जाता है। इसकी शुरुआत कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को होती है और यह कार्तिक शुक्ल सप्तमी को समाप्त होता है। छठ पूजा में सूर्य देव की पूजा की जाती है और उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। सूर्य प्रत्यक्ष रूप में दिखाई देने वाले देवता हैं जो पृथ्वी पर सभी प्राणियों के जीवन का आधार हैं।
सूर्य देव के साथ-साथ छठ पर छठी मैया की पूजा का भी विधान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार छठी मैया या षष्ठी माता संतानों की रक्षा करती हैं और उन्हें दीर्घायु प्रदान करती हैं। शास्त्रों में षष्ठी देवी को ब्रह्मा जी की मानस पुत्री भी कहा गया है। पुराणों में इन्हें मां कात्यायनी भी कहा गया है, जिनकी पूजा नवरात्रि में षष्ठी तिथि पर होती है। षष्ठी देवी को ही बिहार-झारखंड की स्थानीय भाषा में छठ मैया कहा गया है।
गोवा के कानदोलीम बीच पर भी महापर्व "छठ" का आयोजन किया गया। वहीं विदेशी पर्यटक भी इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। महापर्व "छठ" के प्रति सच्ची निष्ठा से आकाश पाण्डेय, सूरज पाण्डेय, बी• के• सिंह, अमित सिंह, अभिषेक सिंह, रोहित पाण्डेय, उज्ज्वल दुबे व अन्य इस आयोजन में सम्मिलित हुए।
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