वाराणसी-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
देवर्षि जूनियर हाईस्कूल जय प्रकाशनगर शिवपुरवा वाराणसी में 9 दिवसीय रामकथा के प्रथम दिन के उद्बोधन में कथावाचक सच्चिदानंद त्रिपाठी जी ने कहा कि घर भवन तब बनता है जब उस घर में भगवान की कथा या भगवान का भक्त होता है क्योंकि भगवान स्वयं मंगल भवन हैं और जब भवन मे मंगल भगवान की कथा हो तब कहना ही क्या है।
उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ इस तथ्य व सत्य को जानते हैं इसी के लिए जहाँ भी कथा होती है वहाँ - वहाँ पहुँच जाते हैं और उस कथा का हीं प्रभाव था शिव हलाहल से स्वयं को तो बचाया हीं पूरे विश्व को जलने से बचा लिया।
जरत सकल सुर वृन्द विषम गरल जेहिं पान किय।
तेहिं न भजसि मन मन्द को कृपाल संकर सरिस।।
वहीं सती कथा को महत्व न दी। परिणम स्वयं को भी नहीं बचा सकी व पिता का खानदान भी सत्यनास हो गया। तो कथा जीवन के लिए मानवता के लिए विश्व व राष्ट्र मंगल के लिए बहुत जरूरी है।
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