--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।
☆ देव दीपावली पर लोक कोकिला मालिनी अवस्थी, अनूप जलोटा और पं• राजन-साजन मिश्र और स्वरांश सुरों से करेगें " अप्पा " से बात
वाराणसी : संकटमोचन फाउंडेशन एवं अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास की ओर से तुलसीघाट की देव दीपावली मल्लिका-ए-ठुमरी पद्मविभूषण स्व• गिरिजा देवी को समर्पित रहेगा। तुलसीघाट पर 4 नवबंर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित देव दीपावली समारोह को अबकी बार खास अंदाज में गिरिजा देवी को स्वरांजलि और दीपांजलि देने की तैयारी की जा रही है। एक तरफ जहां देश के ख्यातिलब्ध कलाकारों द्वारा कैनवास पर 52 फीट ऊंची स्व• गिरिजा देवी की चित्र को तूलिका से रंग भरा जायेगा। वहीं उनके चित्र के बगल में लगाया जाने वाला दुनियां का सबसे बड़ा 52 फीट का भारतीय संगीत का लोकप्रिय तंतवाद्य "तानपूरा" भी आकर्षण का केन्द्र होगा।
इस बाबत संकटमोचन मंदिर के महंत एवं अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के अध्यक्ष प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र ने कहा कि बनारस घराने की विदूषी गायिका और पूरबिया अंग की गायकी को पश्चिमी देशों तक अपने स्वरों से बिखेरने वाली "अप्पाजी" की सांगितिक यात्रा वृतांत को कलाकारों द्वारा तुलसीघाट की कैनवास पर उकेरा जायेगा। वहीं तुलसीघाट पर "ठुमरी की रानी" की स्मृति में 5100 दीयों को प्रज्वलित किया जायेगा। इसके अलावा प्रख्यात तबला वादक पं• किशन महारा, पं• शारदा सहाय की भी आदमकद तस्वीरों से देव दीपावली के दीयों को सजाया जायेगा।
प्रोफेसर मिश्र ने बताया कि स्व• गिरिजा देवी के नाम समर्पित तुलसीघाट की देव दीपावली की शाम संगीतांजलि में साधकों का जमावड़ा भी होगा। स्वरांजलि समारोह में स्व• गिरिजा देवी की शिष्या लोक ककिला उप-शास्त्रीय गायिका प्रोफेसर मालिनी अवस्थी, भजन सम्राट अनूप जलोटा, प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं• राजन - साजन मिश्र सहित उनके पुत्र पं• स्वरांश मिश्र भी सुरों से स्वारांजलि देगें।
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