--- संतोष यादव, सुलतानपुर।
लोहिया जी कहा करते थे कि जहां जिस जगह पर दबने वाले लोग रहते है वही अत्याचार बढ़ता है। दब्बू बनकर नहीं सिर उठा कर जीना सीखो। स्वर्गीय राम कुमार यादव की पुण्य तिथि संदेश देने का काम कर रही है जिस विचारधारा के कारण राम कुमार शहीद हुए है, उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाना, उससे सीख ले कर अपने हक की लड़ाई के लिए तत्पर रहना ही राम कुमार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
यह विचार प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजमगढ़ से विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने मझवारा में जिला पंचायत सदस्य कमला यादव के संयोजन में आयोजित उनके पति स्वर्गीय राम कुमार यादव की सातवीं पुण्यतिथि अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह में रखा। मंत्री ने कहा कि लड़ना सीखो लड़ते-लड़ते रहने से रास्ता अपने आप बन जाता है। लोकतंत्र में जनता की अदालत सबसे बड़ी होती है, इसे नजर-अंदाज नहीं किया जा सकता है। जनता ही सरकार बनाती व बिगाड़ती है। आपके पास मत, एक ऐसा हथियार है जिसे सही समय पर सही जगह पर प्रयोग करना सीखों।
पूर्व विधायक सफदर रजा ने कहा कि जाति, धर्म, पार्टी से ऊपर उठकर अन्याय के खिलाफ सभी को खड़ा होना चाहिए। जो डर गया वह मर गया और जो लड़ गया इतिहास के पन्नों में राम कुमार की तरह अमर हो जाता है। रामकुमार ने सामंती व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद की उसी का नतीजा है कि यहां लोग आज खुली हवा में सांस ले रहे है।
जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह के पति/प्रतिनिधि शिव कुमार सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान एक ऐसा हथियार है जिससे सामंतवाद का खात्मा किया जा सकता है। जिले में अमन-चैन कायम रखने के लिए वे संघर्षरत है। उन्होंने श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में लोगों से पीछे नहीं बल्कि साथ चलने का आव्हान करते हुए कहा कि जिले से सामंतवाद का सफाया करना ही उनका लक्ष्य है और किसी भी हाल में सामंतबाद यहाँ पनपने नहीं दिया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रो• राम सहाय यादव ने कहा कि विचार कभी मरता नहीं, राम कुमार यादव शहीद हो गये लेकिन उनके विचार अभी भी जिंदा है। उनकी पत्नी कमला यादव एक साधारण नहीं असाधारण महिला है जो अपने पति के विचारधारा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम की आयोजक जिला पंचायत सदस्य कमला यादव ने आप-बीती बताते हुए कहा कि अन्याय अत्याचार की इस लड़ाई में जिन लोगो ने मेरा हौसला बढ़ाया, बुरे दिनों में साथ दिया है इस अहसान की जीवनभर ऋणी रहूँगी। भीड़ में महिलाओं की संख्या भी अधिक थी जिधर मुखातिब कमला ने कहा कि ये वे महिलाएं है जो मेरे मान-सम्मान के लिए जिस दिन मैं इन्हे आवाज देती हूँ घर का सारा कार्य छोड़कर बिना भोजन किये दिन भर मेरे साथ रहती है। भावुक हुई कमला ने एक-एक कर अपने ऊपर आई मुसीबतों का हवाला देते हुए कहा कि पति की हत्या के बाद मेरे भतीजे की हत्याकर मुझे जेल भेजवाया गया। इस सबके पीछे गहरी साजिश रची गई थी लेकिन जनता ने ऐसी ताकतों को नकार दिया। समाज उसे ही याद करता है जो समाज के लिए मरता है मेरे पति ने समाज के लिए कुर्बानी दी है समाज मेरे साथ खड़ा है यही मेरी ताकत है। श्रद्धांजलि सभा में प्रधान त्रिनेत्र पांडेय, पूर्व प्रधान जवाहरलाल, सपा जिला कोषाध्यक्ष सूर्यलाल यादव, डा• शिवकरण योद्धा, फौजी उमाशंकर यादव आदि लोगो ने अपने विचार रखे।
इस अवसर परप्रधान प्रमोद यादव, नर्मदा मिश्र, मुन्ना सिंह, धर्मेंद्र सिंह, विश्वनाथ यादव, अनिल यादव, बृजेश यादव, कुलदीप यादव, राजेश यादव सहित काफी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग किया।
https://www.indiainside.org/post.php?id=672