27 अक्टूबर। इंडियन ऑयल कॉरपोरशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) जैसी प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने रसोई गैस आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए एलपीजी नेटवर्क के विस्तार का काम शुरू कर दिया है। इस संबंध में प्रमुख रूप से देश के ग्रामीण इलाकों में विज्ञापन के जरिए 6,000 से अधिक रसोई गैस वितरकों की नियुक्ति की जाएगी। जिन क्षेत्रों को पहले चुन लिया गया है और जहां डिस्ट्रीब्यूटरशिप की प्रक्रिया चल रही है, ये क्षेत्र उसके अतिरिक्त होंगे।
ओएमसी ने पहली बार चयन प्रक्रिया को डिजिटल रूप से चलाने की शुरूआत की है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे और ड्रॉ निकाला जाएगा। ‘डिजिटल इंडिया’ आंदोलन को प्रोत्साहन देने के लिए मंत्रालय ने यह कदम उठाया है, ताकि चयन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और उत्तरदायित्व हो सके। 27 अक्टूबर 2017 को पंजाब में 26 नई डिस्ट्रिब्यूटरशिप के चयन की सफल प्रक्रिया पूरी की गई। कुल 609 आवेदकों में से 26 आवेदकों को चुना गया है।
आने वाले समय में पूरे देश के शेष राज्यों में भी नई डिस्ट्रीब्यूटरशिप के चयन के लिए ऑनलाइन ड्रॉ प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
● उपभोक्ताओं के बैंक खातों में एलपीजी सब्सिडी की धनराशि जमा न करने पर स्पष्टीकरण
तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को जानकारी मिली है कि अनेक एलपीजी उपभोक्ताओं ने पिछले कुछ सप्ताह के दौरान एलपीजी सब्सिडी की धनराशि अपने बैंक खातों में जमा नहीं किए जाने की शिकायत की है।
जांच करने पर यह पाया गया है कि ये शिकायतें मुख्यत: उन एलपीजी उपभोक्ताओं से संबंधित हैं जो एयरटेल के ग्राहक हैं और जिन्होंने एयरटेल पेमेंट बैंक में अपने खाते खोले हैं। एयरटेल एक टेलीकॉम सेवाप्रदाता है जिसने हाल ही के महीनों में पेमेंट बैंक सेवाओं का काम शुरू किया है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि इन एयरटेल उपभोक्ताओं की सब्सिडी उनके नए खोले गए और ‘आधार’ से जुड़े एयरटेल पेमेंट बैंक खाते में पहले ही जमा कर दी गई है।
गौरतलब है कि सब्सिडी ट्रांसफर प्रोटोकॉल के अनुसार एलपीजी सब्सिडी लाभार्थी की आधार आईडी से जुड़े (नवीनतम) बैंक खाते में अंतरित कर दी जाती है।
एलपीजी उपभोक्ताओं को हुई असुविधा के निवारण के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) और ओएमसी ने पहले ही इस मामले में वित्तीय सेवा विभाग (वित्त मंत्रालय), एनपीसीआई तथा एयलटेल के संबंधित प्राधिकारियों से बातचीत कर ली है।
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