वाराणसी-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
• कला संकाय बना समग्र विजेता, मंच कला संकाय द्वितीय और वीकेएम (कमच्छा) तृतीय स्थान पर रहे
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अंतर संकाय युवा महोत्सव स्पंदन 2020 के अंतिम और निर्णायक दिन एम्फीथिएटर ग्राउंड में लोकनृत्य प्रतियोगिता की अद्भुत प्रस्तुति देखने को मिली। एम्फीथिएटर ग्राउंड में बने पंडाल में लोक संगीत की धुनों पर युवा खूब थिरके। इस दौरान पंडाल में छात्र-छात्राओं की भारी भीड़ रही। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 3 बजे से समापन समारोह में अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं की घोषणा हुई।
लोकनृत्य प्रतियोगिता के कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9.30 बजे हुई। जिसमें सभी संकायों से 23 टीमें पंजीकृत थी। प्रत्येक टीम में अधिकतम 10 सदस्य रहे और प्रत्येक टीम को अधिकतम 10 मिनट का समय दिया गया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों द्वारा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, असम आदि राज्यों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई। विज्ञान संस्थान तथा संगीत एवं मंच कला संकाय द्वारा दी गई प्रस्तुतियों पर दर्शकों द्वारा खूब तालियां बजाई गई।
निर्णायक मंडल में डॉ• शान्ति स्वरूप (दृश्य कला संकाय), जया (नृत्यांगना), अंकिता खत्री (सिनेमा) रहे। कार्यक्रम का संयोजन डॉक्टर धीरेन्द्र कुमार राय (पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग), डॉक्टर बाला लखेंद्र (पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग) द्वारा किया गया।
‘स्पंदन 2020’ का गुरुवार को भव्य समापन समारोह एम्फिथिएटर पंडाल में अपराहन 3:00 बजे से शुरू हुआ। समापन समारोह की शुरुआत महामना जी की प्रतिमा पर मंचासीन सदस्यों द्वारा माल्यार्पण करके किया गया। संगीत और मंच कला संकाय के विद्यार्थियों ने कुल गीत गाए। मंचासीन सदस्यों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट करके किया गया। स्वागत वक्तव्य प्रोफ़ेसर जगत कुमार राय (संयोजक, स्पंदन), मुख्य अतिथि का परिचय ऑफिसर कौशलेंद्र कुमार सिंह (प्रभारी छात्र कल्याण केंद्र), मुख्य अतिथि का सम्मान छात्र अधिष्ठाता प्रोफेसर एम• के• सिंह ने किया। आज के मुख्य अतिथि पद्मश्री श्रीभाष चंद्रा सूपकार थे। उन्होंने मंच से वहां उपस्थित लोगों का शुक्रिया अदा किया एवं छात्रों को बधाई दी। कार्यक्रमों के क्रम में राजीव गांधी विश्वविद्यालय, अरूणांचल प्रदेश से आए हुए छात्रों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत प्रस्तुति दी। परिणाम की घोषणा प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार त्रिगुण (जन्तु विज्ञान विभाग) एवं पुरस्कार वितरण मुख्य अतिथि द्वारा की गई। प्रोफेसर एम• के• सिंह (छात्र अधिष्ठाता) ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की समापन हुआ।
समापन समारोह के दौरान ही अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में संकायवार विजेताओं की घोषणा की गई। ज्यादातर प्रतिस्पर्धाओं में कला संकाय, दृश्य कला संकाय और मंच कला संकाय के छात्रों ने अपना परचम लहराया। सआदत हसन मंटो की कहानियों पर आधारित लघु नाटक ‘अफसाना निगार’ को प्रथम पुरस्कार दिया गया। इसे कला संकाय के छात्रों द्वारा मंचित किया गया था जिसके निर्देशक रवि राय थे। विभिन्न श्रेणियों में अलग-अलग संकायों के छात्रों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया समग्र रूप से विजेताओं की सूची में कला संकाय प्रथम, मंच कला संकाय द्वितीय और वीकेएम (कमच्छा) तृतीय विजेता घोषित हुए।
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