हावड़ा-पश्चिम बंगाल,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
घुसुड़ी मदरसा मेराजूल ओलुम कैम्पस में एक कानूनी जागरूकता कार्यक्रम "न्याय सबके लिए" का आयोजन किया गया जिसका विषय "लीगल सर्विसेज टू सीनियर सिटीजन स्किम्स-2016" रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायाधीश अरनब दत्ता, अधिवक्ता यासमिन खातुन, प्रसन्नजीत भटाचार्या (अफिस मास्टर डी•एल•एस•हवड़ा) व अन्य रहे। यह कार्यक्रम संस्था संकल्प टुडे (लिगल अवरनेस मिशन) और हवड़ा लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के द्वारा सीनियर सिटीजन से संबंधित कानून पर परिचर्चा रहा।
वृद्ध माता-पिता की रक्षा के लिये 2007 में बने, कानून में भरण-पोषण न्यायाधिकरण और अपीली न्यायाधिकरण बनाने की व्यवस्था है। ऐसे न्यायाधिकरण को वरिष्ठ नागरिक से शिकायत मिलने के 90 दिन के भीतर इसका निपटारा करना होता है और एकदम अपरिहार्य परिस्थितियों में यह अवधि 30 दिन के लिये बढ़ाई जा सकती है। भरण-पोषण न्यायाधिकरण ऐसे वरिष्ठ नागरिक को उसके बच्चे या संबंधी से भरण-पोषण के रूप में 10 हजार रुपए तक प्रतिमाह का भुगतान करने का आदेश दे सकता है।
आज देश मे लगभग 15 करोड़ से भी ज़्यादा बुजुर्ग हैं।
अदालतों ने स्पष्ट किया है कि इस कानून के तहत गठित भरण-पोषण न्यायाधिकरण वृद्ध माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक का उत्पीड़न और उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाली संतानों को उनके मकान से बेदखल करने का आदेश दे सकती है।
हवड़ा कोर्ट के न्यायाधीश (सचिव डीएलएस) अरनब दत्ता ने कहा कि कि आपको इस कानुन के तहत "ट्रिब्यूनल" एसडीओ के यहाँ एक अपील करना होगा। जिसका निपटारा तीन महीने में हो जायेगा। सीनियर सिटीजन को जरुरत पड़ने पर डीएलएस की ओर से कानूनी मदद भी दी जायेगी।
डा• वर्मा ने कहा कि परिवार के बुजुर्गों को प्यार और सम्मान देने की बजाय उनका तिरस्कार करने और उनसे पीछा छुड़ाने का प्रयास करने वाली संतानों को यह नहीं भूलना चाहिए कि भविष्य में वे भी इस अवस्था में पहुंचेगे।
संस्था संकल्प टुडे के सचिव इम्तेयाज भारतीय ने कहा कि 2007 में ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण व कल्याण कानून’ बना, दुर्भाग्य से इस कानून के बारे में लोगों को अधिक जानकारी नहीं है और यह सिर्फ कानून की किताबों में सक्रिय है जिसको जन-जन तक पहुंचाने के लिए हम प्रयासरत हैं और हर जिले में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रम कर इस कानून को हर परिवार तक पहुंचायेंगे। इस कार्यक्रम में शामिल सिनीयर सिटीजन को "प्रियम्बल ऑफ इंडिया" देकर संकल्प टुडे ने सम्मानित किया।
इस मौके पर डाक्टर रजेश रजक, महेन्द्र सिंघानिया, अरमिना साहब, डाक्टर मुस्ताक व सरोज प्रसाद उपस्थित रहे।
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