कोरोना वायरस से घबराएं नहीं, सावधानी बरतें: प्रो• राकेश भटनागर



वाराणसी-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● कोरोना वायरस को लेकर लब्धप्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं बीएचयू के कुलपति प्रो• राकेश भटनागर का वक्तव्य

कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस का संक्रमण पहली बार दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। अभी तक इस वायरस को फैलने से रोकने के लिये कोई टीका नहीं बन पाया है।

कोरोना वायरस का संक्रमण एक व्यक्‍ति से दूसरे व्यक्‍ति में फैलता है तथा इससे बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं। इस वायरस का संक्रमण संक्रमित व्यक्‍ति के छींक, थूक आदि का किसी अन्य व्यक्‍ति के शरीर में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रुप से प्रवेश होने से फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जानी चाहिये। दुनिया भर में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आने के बाद विश्‍व स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना वायरस को अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ आपातकाल घोषित किया है।

कोरोना वायरस हवा के माध्यम से नही फैलता है अतः इसके संक्रमण से घबराने की जरुरत नहीं है पर सावधानी बरतने अत्यंत आवश्‍यकता है। इस संक्रमण से बचने के लिये पर्सनल हाईजिन को बनाये रखना बहुत जरुरी है जिसके लिये हाथों को साबुन अथवा अल्‍कोहल आधारित हैंड रब से धोएँ, खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढके, जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हो उनके संपर्क में न आएँ, भोजन को पूरी तरह से पकाकर ही खाएँ, पशुओं के संपर्क में आने से बचें। इसके अतिरिक्‍त यदि साँस लेने मे तकलीफ, खांसी, बुखार जैसी समस्या हो तो मरीज को एकांत में रखे और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

काशी हिन्दू विश्‍वविद्यालय में इस संक्रमण से बचने के लिये कई ठोस कदम उठाये गये है। सर सुन्दरलाल चिकित्सालय में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को भर्ती करके ईलाज करने के लिये आधुनिक तकनीकों से सु सज्‍जीत 10 बिस्तरों के आईसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गयी है तथा इस संक्रमण के संशयित मरीजों की जाँच के लिये ओ•पी•डी• में भी अलग से एक कक्ष आवंटित किया गया है जहाँ उनके लिये आवश्‍यक जाँच किट की उपलब्धता है। चिकित्सालय में नर्सों एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफों को भी उपयुक्‍त ट्रेनिंग दी गयी है। इसके अलावा लोगों को इस संक्रमण से बचने के उपायों के प्रति जागरुक करने के सभी कदम उठायें जा रहे है तथा कुछ अतिरिक्‍त बिस्तरों की व्यवस्था हेतु जगह चिन्हित किये जा रहे है। अभी तक सर सुन्दरलाल चिकित्सालय में एक भी कोरोना वायरस के संक्रमण का केस नहीं आया है पर तैयारी पुरी की गयी है।

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