31 अक्टूबर। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अखिल भारतीय फिल्म कर्मचारी संघ (एआईएफईसी), फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एप्लाइज (एफडब्ल्यूईसीई) और उसके सहयोगी तीन निर्माता संघ यानि इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए), फिल्म और टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (एफटीपीजीआई) और इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स काउंसिल (आईएफटीपीसी) को प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाया है। इस अधिनियम में प्रतिस्पधारोधी समझौते की मनाही है।
यह आदेश विपुल शाह द्वारा दायर की गई शिकायत पर निर्णय के बाद आया है। श्री शाह ने अपने शिकायत में आरोप लगाया था कि दिनांक 01 अक्टूबर 2010 को एफडब्ल्यूआईसीई और निर्माता संघों के बीच जो समझौता हुआ था उस समझौते के विशेष प्रावधानों का उल्लंघन किया गया था। इसमें सदस्यों के बीच काम-काज में अंतर, वेतन निर्धारण अतिरिक्त काम के लिए दरों से जुड़े प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।
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