20 वर्ष बाद पड़ रहा ग्रह नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग



--डाॅ• इन्द्र बली मिश्र,
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय,
वाराणसी-उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

20 जुलाई 2020 दिन सोमवार को हरियाली एवं सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी।

भगवान शिव की अराधना के लिए सावन के पवित्र माह में सावन सोमवार व अमावस्या को जलाभिषेक का विषेश महत्व है। साथ ही अमावस्या यदि सोमवार को हो यानी सोमवती अमावस्या हो तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस बार दशकों बाद सावन के तीसरे सोमवार को विशेष मुहूर्त में 20 जुलाई को सोमवती अमावस्या पड़ रही है। इस अमावस्या को हरियाली अमावस्या भी कहते है। 20 वर्ष बाद ऐसा शुभ संयोग बना है।

सोवमती अमावस्या के दिन भगवान शिव, पार्वती, गणेजी और कार्तिकेय की पूजा की जाती है। सावन सोमवार और सावन की सोमवती अमावस्या को पूजा-पाठ करने और जलाभिषेक का विशेष फल प्राप्त होता है। बहुत से भक्त भगवान शिव की असीम कृपा पाने के लिए सोमवती अमावस्या को व्रत भी रखते हैं। अमावस्या को महिलाएं तुलसी/पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा भी करती हैं। कई इलाकों पर अमावस्या के दिन पितर देवताओं की पूजा करने और श्राद्ध करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इससे अज्ञात तिथि पर स्वर्गलोकवासी हुए पूर्वजों को मुक्ति मिलती है।

■ सोमवती अमावस्या तिथि मुहूर्त-

● अमावस्या तिथि प्रारम्भ - 19 जुलाई 2020 को 11:19PM से

● अमावस्या तिथि समाप्त - 20 जुलाई 2020 को 10:33PM तक

कोरोना संकट को ध्यान रखते हुए पूजन करें और सामाजिक दूरी का पालन पालन करें। इसमें सोमवती अमावस्या में भगवान शिव पार्वती के साथ-साथ अपने पितरों का भी पूजन कर सकते हैं साथ ही इसे हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है क्योंकि आज से ही नवीन फसलों के लिए कृषि कार्य प्रारंभ किया जाता है तथा पर्यावरणीय दृष्टि से पेड़ पौधों का शिंचन करने का विशेष महत्व बताया गया है।

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