खबर... भारतीय वायु सेना की



●☆● ऊंचाहार दुर्घटना में वायु सेना का राहत कार्य 

03 नवम्बर। गत 01 नवंबर को उत्तर प्रदेश के ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी लिमिटेड के फिरोज गांधी ताप बिजली संयंत्र में एक हृदय विदारक दुर्घटना हुई थी, जिसमें कई जाने गई और कई लोग घायल हुए। बिजली मंत्रालय के आग्रह पर हताहतों को निकाल कर दिल्ली पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना ने लखनऊ वायु ठिकाने पर एक एएन-32 विमान तैनात कर दिया था। 02/03 नवंबर, 2017 की आधी रात को भारतीय वायु सेना के विमान ने 7 गंभीर रूप से घायलों को निकाल कर उनके परिवार वालों तथा 3 मेडिकल स्टाफ के साथ पालम पहुंचा दिया था। वहां से घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भेज दिया गया था।

●☆● गाइडेड बम का सफल परीक्षण 

स्‍वदेश में विकसित हल्‍के वजन वाले गाइडेड बम ‘सॉ’ (एसएएडब्‍ल्‍यु, स्‍मार्ट एनटी एयर‍फील्‍ड वीपन) का ओडिशा के चांदीपुर स्थित आईटीआर रेंज में भारतीय वायुसेना के विमान से सफल परीक्षण किया गया। विमान से निकले गाइडेड बम ने सूक्ष्‍म नेवीगेशन प्रणाली का उपयोग करते हुए 70 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्‍य को परिशुद्धता के साथ प्राप्‍त किया। विभिन्‍न स्थितियों और दूरियों को ध्‍यान में रखते हुए तीन परीक्षण किये गये और सभी सफल रहे। इस गाइडेड बम का विकास डीआरडीओ के अन्‍य विभागों और भारतीय वायु सेना की सहायता से डीआरडीओ के रिसर्च सेन्‍टर इमारत (आरसीआई) द्वारा किया गया है।

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन ने भारतीय वायु सेना और डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को इन सफल परीक्षणों के लिए बधाई दी। डीआरडीओ के अध्‍यक्ष और रक्षा आर एंड डी विभाग के सचिव डा• एस.क्रिस्‍टोफर ने टीम को बधाई दी और कहा कि ‘सॉ’ को जल्‍द ही सशस्‍त्र सेनाओं में शामिल किया जाएगा। मिसाइल और रणनीतिक प्रणाली के महानिदेशक डा• जी• सतीश रेड्डी ने कहा कि गाइडेड बम स्‍वदेशी क्षमता विकास में एक मील का पत्‍थर है।

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